August 6, 2026 10:22 am

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चंडीगढ़ पुलिस ने फर्जी ट्रैफिक चालान SMS घोटाले का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

साइबर क्राइम एसएमएस धोखाधड़ी में बड़ी सफलता, आरोपियों का पर्दाफाश उत्तर प्रदेश से
चंडीगढ़, 29 जनवरी 2026: चंडीगढ़ पुलिस थाना साइबर क्राइम ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ट्रैफिक चालान SMS घोटाले का पर्दाफाश किया। इस मामले में दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बांदा से गिरफ्तार किया गया है।

मामले का विवरण:
यह साइबर धोखाधड़ी का मामला चंडीगढ़ पुलिस थाना साइबर क्राइम में FIR संख्या 14 दिनांक 20.01.2026 के तहत दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ 318(2), 319(2), 336(3), 112(2), 61(2) और 62 धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की एसपी-साइबर क्राइम, सुश्री गीतांजलि खंडेलवाल, आईपीएस के नेतृत्व में और डीएसपी साइबर क्राइम श्री ए. वेंकटेश एवं इंस्पेक्टर सुश्री एराम रिजवी के पर्यवेक्षण में विशेष टीम का गठन किया गया।

गिरफ्तार आरोपी:
शैलेंद्र कुमार, पिता सरमन, जिला रथ, उत्तर प्रदेश, आयु 19 वर्ष
महेंद्र सिंह, पिता राधेश्याम, बांदा, उत्तर प्रदेश, आयु 19 वर्ष
जांच का सार:
मामले की शुरुआत चंडीगढ़ यातायात उप पुलिस अधीक्षक की शिकायत से हुई, जिन्होंने 13 जनवरी 2026 को संदिग्ध SMS प्राप्त होने की सूचना दी। संदेश में झूठा दावा किया गया था कि यातायात नियम उल्लंघन के कारण तुरंत भुगतान आवश्यक है। जांच में पता चला कि SMS चंडीगढ़ यातायात पुलिस की आधिकारिक प्रणाली से नहीं भेजा गया था।
संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच में आरोपियों की लोकेशन उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में ट्रेस की गई। तत्पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 26 जनवरी 2026 को शैलेंद्र कुमार और महेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के मोबाइल फोन से फर्जी चालान संदेश बरामद हुए, जो इस मामले में मुख्य डिजिटल सबूत साबित हुए।

सार्वजनिक चेतावनी और सुझाव:
संदिग्ध SMS, WhatsApp, ईमेल या सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक न करें।
ट्रैफिक चालान, रिफ़ंड या केवाईसी अपडेट के लिए कोई अज्ञात APK डाउनलोड न करें।
किसी भी अज्ञात वेबसाइट पर भुगतान न करें।
फर्जी संदेश की सूचना तुरंत साइबर क्राइम पुलिस को दें।
WhatsApp और अन्य मैसेजिंग ऐप्स में ऑटो-डाउनलोड बंद करें।
अपने पहचान पत्र केवल वैध कारण और अधिकृत अधिकारियों के साथ साझा करें।
किसी को सिम कार्ड या बैंक खाता किराए पर न दें।
TAFCOP पोर्टल के माध्यम से अपने नाम से जारी सिम कार्ड की जानकारी चेक करें।
अपने आधार बायोमेट्रिक्स को लॉक करें और गोपनीयता सेटिंग्स अपडेट करें।
संदिग्ध कॉल की पुष्टि के लिए स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन (1930) से संपर्क करें।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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