सेक्टर-20सी में बच्चे पर हमला, दहशत का माहौल; शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 7 अप्रैल 2026: शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन कुत्तों के हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या को लेकर बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। वहीं, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा।
सेक्टर-20सी में बच्चे पर हमला
सेक्टर-20 सी निवासी संजीव कुमार के अनुसार, उनके बेटे को घर के बाहर गली में खेलते समय आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर काट लिया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बच्चे को तुरंत इलाज के लिए ले जाना पड़ा।
संजीव कुमार का कहना है कि उन्होंने इस घटना की शिकायत नगर निगम में दर्ज करवाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है और जमीनी स्तर पर कोई समाधान नहीं किया जा रहा।
सेक्टर-20सी में हालात बदतर
इसी तरह सेक्टर-20सी की वी5 रोड पर आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कुत्तों के झुंड सड़कों और गलियों में खुलेआम घूमते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
लोगों का कहना है कि कुत्तों द्वारा काटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं और इनके कारण सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आई हैं, क्योंकि अचानक कुत्ते वाहन चालकों के सामने आ जाते हैं।
शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही स्थायी कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर निगम को शिकायत दी, लेकिन हर बार कुत्तों को पकड़कर कुछ समय बाद दोबारा उसी इलाके में छोड़ दिया जाता है। इससे समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है।
निवासियों का आरोप है कि निगम की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है और स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी?
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें नसबंदी, वैक्सीनेशन और आबादी नियंत्रण के प्रभावी उपाय शामिल हैं।
इसके बावजूद शहर में बढ़ती घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि इन आदेशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।
लोगों में बढ़ता आक्रोश
लगातार बढ़ रही घटनाओं के चलते शहरवासियों में नगर निगम के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर वे बेहद चिंतित हैं और प्रशासन को इस समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।

समाधान की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
आवारा कुत्तों की प्रभावी नसबंदी और वैक्सीनेशन अभियान चलाया जाए
आक्रामक कुत्तों को अलग कर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए
शिकायतों पर तुरंत और स्थायी कार्रवाई की जाए
- चंडीगढ़ जैसे स्मार्ट सिटी में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। फिलहाल, शहरवासी डर के साये में जीने को मजबूर हैं।















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