चंडीगढ़, 2 फरवरी। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार को पंजाब लोक भवन में आयोजित “नेतृत्व साधना–XVII” कार्यक्रम के प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। यह छह दिवसीय आवासीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम सामाजिक-राजनीतिक नेतृत्व पर केंद्रित है, जिसे Institute for Inclusive Policy and Governance (IIPG) और National Institute of Technical Teachers Training and Research (NITTTR), चंडीगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभावी राष्ट्र-निर्माण के लिए संवेदनशील, समावेशी और उत्तरदायी नेतृत्व का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आजीवन सीखने पर जोर देते हुए प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और अनुभवों का उपयोग समाज के व्यापक हित में करें। राज्यपाल ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में निरंतर सीखना और आत्ममंथन ही प्रभावी नेतृत्व की पहचान है।
उन्होंने कहा कि “नेतृत्व साधना” जैसे कार्यक्रम युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नीति-दृष्टि और जनसेवा के मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने नेतृत्व विकास, सुशासन और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के योगदान की भी सराहना की।
युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण और सेवा-भाव से पेशेवर दायित्वों के निर्वहन पर बल दिया। उन्होंने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने में युवा पेशेवरों की निर्णायक भूमिका को भी रेखांकित किया।
संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के उन्मुखीकरण सत्रों से उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आया है, आत्म-जागरूकता बढ़ी है और नेतृत्व को लेकर उनकी समझ और अधिक स्पष्ट हुई है।

कार्यक्रम में विभिन्न पेशेवर पृष्ठभूमियों से आए कुल 40 प्रतिभागी शामिल हैं, जिन्हें नेतृत्व कौशल, नीति-चिंतन और शासन की व्यावहारिक समझ को मजबूत करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह, IIPG से एडवोकेट बलजिंदर सिंह ठाकुर तथा NITTTR, चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. (डॉ.) भोला राम गुर्जर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।











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