April 6, 2026 1:28 pm

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HARYANA: पशु-पक्षियों के संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी: राव नरबीर सिंह

विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर पंचकूला में कार्यक्रम, प्रथम हरियाणा पक्षी उत्सव-2026 के पोस्टर का विमोचन

पंचकूला, 2 फरवरी। हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पशु-पक्षियों का आदिकाल से मानव जीवन में विशेष महत्व रहा है। देवी-देवताओं का भी पशु-पक्षियों से गहरा संबंध रहा है, जो हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। इनके संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी बेहद आवश्यक है।
राव नरबीर सिंह विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 2 फरवरी से 21 फरवरी तक प्रदेशभर में आयोजित होने वाले प्रथम हरियाणा पक्षी उत्सव-2026 के पोस्टर का विमोचन किया और उत्सव के दौरान होने वाली विभिन्न गतिविधियों के कैलेंडर का लोकार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
उन्होंने कार्यक्रम की थीम “आर्द्रभूमियां और पारंपरिक ज्ञान – प्रकृति एवं संस्कृति का उत्सव” की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में सुल्तानपुर (गुरुग्राम) और भिंडावास (झज्जर) जैसे प्रमुख वेटलैंड हैं, जहां हर वर्ष विभिन्न देशों से हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। कोरोना काल के दौरान कुछ प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई थीं, लेकिन सरकार का प्रयास है कि वेटलैंड्स पर आने वाले पक्षियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रवासी पक्षियों की संख्या लगातार बढ़े।
वन मंत्री ने बताया कि गुरुग्राम के बसई, चंदू और आसपास के तीन-चार गांवों में हजारों एकड़ भूमि पर जलभराव रहता है। इनमें से 200-300 एकड़ क्षेत्र में झील विकसित कर उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लोग भ्रमण के लिए आ सकेंगे और क्षेत्र को पॉलिथीन व प्लास्टिक से भी निजात मिलेगी।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा में सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के निर्माण पर वर्ष 2013 से प्रतिबंध है, बावजूद इसके इनका प्रयोग जारी है। इस कानून की सफलता जनसहयोग के बिना संभव नहीं है। उन्होंने नागरिकों से सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन का उपयोग न करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।


उन्होंने बताया कि पॉलिथीन जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जो वातावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित करती हैं, जबकि जमीन में दबाने पर इसे गलने में लगभग 450 वर्ष लग जाते हैं। यह सीवरेज लाइनों की जल निकासी को भी प्रभावित करती है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य पॉलिथीन-मुक्त हरियाणा बनाना है और इसके लिए जनभागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 40 प्रतिशत प्रदूषण पॉलिथीन के उपयोग से होता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा वेटलैंड अथॉरिटी और तालाब प्राधिकरण का गठन किया गया है। जोहड़ों और तालाबों के जल को स्वच्छ बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) विवेक सक्सेना ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 1975 में हुई थी। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, इसी संदेश को देने के लिए हर वर्ष नई थीम के साथ यह दिवस मनाया जाता है।
कार्यक्रम में कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा, प्रधान मुख्य संरक्षक विनीत कुमार गर्ग, के.सी. मीणा सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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