August 28, 2026 10:34 am

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पंचकूला में एचएसवीपी की जमीन से खुलेआम अवैध माइनिंग

एमडीसी सेक्टर-2 व 7 में जेसीबी से खुदाई, करोड़ों की मिट्टी डंपरों में भरकर सड़क निर्माण में उपयोग

पंचकूला। पंचकूला के एमडीसी क्षेत्र में अवैध माइनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदारों ने एमडीसी सेक्टर-2 और सेक्टर-7 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की जमीन से बड़े पैमाने पर मिट्टी की अवैध खुदाई कर ली है। यह मिट्टी जेसीबी मशीनों से निकालकर डंपरों में भरकर नई बन रही डिवाइडिंग रोड पर डाली जा रही है, जबकि इसकी कोई विधिवत अनुमति नहीं ली गई।

6 करोड़ की सड़क परियोजना में खेल
जानकारी के अनुसार एमडीसी के डॉलफिन चौक से लेकर सेक्टर-2 और सेक्टर-7 होते हुए सुखना लेक तक नई डिवाइडिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना के लिए एचएसवीपी ने लगभग 6 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों ने लागत बचाने और अवैध मुनाफा कमाने के उद्देश्य से सड़क के आसपास स्थित एचएसवीपी की जमीन को ही माइनिंग का स्रोत बना लिया।

खाली प्लॉट से 6–7 फुट तक खुदाई
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सेक्टर के खाली प्लॉटों से 6 से 7 फुट तक मिट्टी उठाई जा रही है। नई डिवाइडिंग रोड के दोनों ओर एचएसवीपी की जमीन से जेसीबी मशीनों द्वारा खुदाई कर मिट्टी सीधे सड़क निर्माण में डाली जा रही है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी मिट्टी अवैध रूप से उठाई जा चुकी है।

अधिकारियों–ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप
स्थानीय निवासियों और सूत्रों का दावा है कि यह पूरा अवैध कार्य एचएसवीपी के कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से चल रहा है। दिनदहाड़े जेसीबी और डंपर चलने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई न होना भी संदेह को और गहरा कर रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा या फिर करोड़ों के इस कथित घोटाले पर भी पर्दा डाल दिया जाएगा।

क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक पंचकूला के एमडीसी डॉलफिन चौक से लेकर एमडीसी सेक्टर-2 और सेक्टर-7 होते हुए सुखना लेक तक एक डिवाइडिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना के लिए एचएसवीपी द्वारा करीब 6 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।
स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि सड़क निर्माण के नाम पर ठेकेदारों ने उसी स्थान से अवैध माइनिंग शुरू कर दी, जबकि टेंडर की शर्तो के अनुसार मिट्टी बाहर से लाकर सड़क में डाली जानी थी। एचएसवीपी के अधिकारियों ने मिट्टी के स्रोत की पुष्टि कर रिपोर्ट करनी थी, मगर अधिकारी ठेकेदारो से मिली भगत कर वही से ही मिट्टी उठवाकर गैरकानूनी कार्य को अंजाम दे रहे है।
मिट्टी की बचत करने के लिए सड़क पर शहर का पुराना मलबा भी डाला जा रहा है।

एचएसवीपी की जमीन से भी अवैध उठान
मामले में यह भी सामने आया है कि सिर्फ सीएचबी ही नहीं, बल्कि एचएसवीपी की जमीन से भी करोड़ों रुपये की मिट्टी अवैध रूप से उठाई जा रही है। इससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

विजिलेंस जांच की मांग तेज
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की विजिलेंस जांच की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं और अवैध माइनिंग के इस नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

मामले में HSVP का कोई भी अधिकारी, xen, sdo व जेई भी बात करने को तैयार नही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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