चंडीगढ़ | 06 फरवरी 2026। मनीमाजरा EWS रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन ने चंडीगढ़ के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को दी जा रही मात्र ₹1000 मासिक पेंशन को लेकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने इस राशि को महंगाई के दौर में “ऊंट के मुंह में जीरा” बताते हुए इसे तुरंत बढ़ाकर ₹5000 करने की मांग की है।
महंगे शहर में ₹1000 से गुजारा नामुमकिन
एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध समाजसेवी राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि चंडीगढ़ जैसे महंगे शहर में, जहां बिजली, पानी, राशन और दवाइयों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, वहां ₹1000 की पेंशन बुजुर्गों के सम्मान के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा, “प्रशासन बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन देने की बात करता है, लेकिन हकीकत यह है कि उन्हें बेसहारा छोड़ा जा रहा है। ₹1000 आज के समय में एक भद्दा मजाक है।”

पड़ोसी राज्यों से पीछे ‘सिटी ब्यूटीफुल’
एसोसिएशन के चेयरमैन सुभाष धीमान ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि—
हरियाणा में बुजुर्गों को ₹3200 मासिक सम्मान भत्ता दिया जा रहा है।
पंजाब और राजस्थान में भी पेंशन राशि चंडीगढ़ से कहीं अधिक है।
देश का सबसे नियोजित शहर होने के बावजूद चंडीगढ़ (UT) इस मामले में पड़ोसी राज्यों से पिछड़ा हुआ है।
धीमान ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते चंडीगढ़ को आदर्श बनना चाहिए था, लेकिन यहां का प्रशासन बुजुर्गों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाए हुए है।
मांग न मानी तो जन-आंदोलन की चेतावनी
राजबीर सिंह भारतीय और सुभाष धीमान ने संयुक्त बयान जारी कर प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पेंशन राशि में तत्काल सम्मानजनक बढ़ोतरी कर इसे ₹5000 नहीं किया गया, तो मनीमाजरा EWS रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन शहर की अन्य वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ मिलकर बड़ा जन-आंदोलन शुरू करेगी।
प्रशासन से मानवीय अपील
एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासक और समाज कल्याण विभाग से अपील की है कि वे इस गंभीर और मानवीय मुद्दे पर तुरंत निर्णय लें, ताकि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिल सके। इस मांग को शहर के कई गणमान्य नागरिकों का भी समर्थन मिल रहा है।











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