September 21, 2026 3:23 am

September 21, 2026 3:23 am

CHANDIGARH: नगर निगम की पहली बैठक में सियासी घमासान, अफसरों पर गिरी कार्रवाई की तलवार;

डिप्टी मेयर की कुर्सी पर बैठते ही हंगामा, AAP–BJP आमने-सामने

चंडीगढ़। नवनिर्वाचित मेयर सौरभ जोशी की अगुआई में बुधवार को चंडीगढ़ नगर निगम की पहली बैठक हुई, लेकिन शुरुआत से ही सदन का माहौल गरमाया रहा। जैसे ही डिप्टी मेयर सुमन शर्मा अपनी कुर्सी पर बैठीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बैठक हंगामे और तीखी बयानबाजी का अखाड़ा बन गई।

सुमन शर्मा का पलटवार, AAP पर लगाए गंभीर आरोप
हंगामे के बीच डिप्टी मेयर सुमन शर्मा ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि “सबने देखा है कि आम आदमी पार्टी ने एक परिवार को किस तरह टॉर्चर किया। शहर के गद्दार अंदर ही बैठे हैं। मेरा मुंह न खुलवाएं तो अच्छा होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अपनी ही पार्टी में रहकर उसे कमजोर करते हैं, उन्हें दूसरों को यह नहीं बताना चाहिए कि क्या करना है। गौरतलब है कि सुमन शर्मा पहले AAP में थीं, बाद में पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं और अब बीजेपी से डिप्टी मेयर बनी हैं।

ट्यूबवेल मोटर खराबी पर फूटा गुस्सा, अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल
बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर जसमनप्रीत सिंह ने शहर में ट्यूबवेल मोटरों के खराब होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आम नागरिक उन्हें रास्ते में रोककर शिकायत करते हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और जिम्मेदारी से बचते हैं।

कमिश्नर का सख्त रुख, तुरंत सस्पेंशन के निर्देश
जसमनप्रीत सिंह की बात पर नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी ने फोन नहीं उठाया, उसका नाम बताया जाए, ताकि उसी समय उसे सस्पेंड किया जा सके।
जब किसी का नाम नहीं लिया गया, तो कमिश्नर ने चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्र के जेई और एसडीओ को सस्पेंड किया जाए, क्योंकि फील्ड स्तर पर सबसे पहली जिम्मेदारी जेई की होती है।

बरसाती नालों की सफाई में भ्रष्टाचार के आरोप
बैठक के दौरान पार्षद कंवर ने बरसाती नालों की सफाई का मुद्दा उठाते हुए नगर निगम में खुलेआम भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन नीचे की टीमें पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
उनका आरोप था कि ठेकेदारों के बिल तब तक पास नहीं होते, जब तक कमीशन नहीं दिया जाता। उन्होंने दावा किया कि निगम का एक क्लर्क न्यू चंडीगढ़ में फार्म हाउस खरीद रहा है और सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम आखिर कहां से आ रही है।

मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में हुई यह पहली बैठक साफ संकेत दे गई कि आने वाले समय में नगर निगम सदन में सियासी टकराव, आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासनिक सख्ती का दौर जारी रह सकता है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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