नई दिल्ली: भारत का चुनाव आयोग ने काउंसिल ऑफ़ स्टेट्स यानी राज्य सभा की 37 सीटों को भरने के लिए होने वाले द्विवार्षिक (हर दो साल में होने वाले) चुनावों की घोषणा कर दी है। ये चुनाव देश के 10 राज्यों में कराए जाएंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान की तारीख 16 मार्च 2026 तय की गई है। खास बात यह है कि वोटों की गिनती भी मतदान वाले दिन ही कर ली जाएगी और उसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
हरियाणा में 2 सीटों पर होगा राज्यसभा चुनाव
इन चुनावों के तहत हरियाणा से भी राज्यसभा की दो सीटें रिक्त हो रही हैं, जिनके लिए चुनाव कराया जाएगा। इन सीटों का कार्यकाल पूरा होने के कारण यह चुनाव आवश्यक हो गया है।
हरियाणा में होने वाला यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य विधानसभा में मौजूद दलों की संख्या के आधार पर यह तय होगा कि राज्यसभा में किस पार्टी के उम्मीदवार को बढ़त मिलेगी। राज्यसभा चुनावों में विधायकों द्वारा गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) के माध्यम से वोट डाले जाते हैं।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन कर रहे हैं और विधायकों को साधने की रणनीति बनाई जा रही है। हरियाणा में भी सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच जोड़-तोड़ और समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्यों अहम हैं राज्यसभा चुनाव?
राज्यसभा को संसद का उच्च सदन माना जाता है, जहां अनुभवी नेताओं, विशेषज्ञों और वरिष्ठ राजनेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। केंद्र सरकार के कई अहम विधेयकों पर राज्यसभा की सहमति आवश्यक होती है, ऐसे में इन चुनावों का राष्ट्रीय राजनीति पर भी प्रभाव पड़ता है।
अब सभी की निगाहें 16 मार्च 2026 पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि किन दलों के खाते में राज्यसभा की ये 37 सीटें जाती हैं और हरियाणा से कौन से चेहरे उच्च सदन में पहुंचते हैं।
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