October 13, 2026 8:08 pm

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हिमाचल में एंट्री फीस बढ़ोतरी पर ट्राईसिटी में रोष, संगठनों ने बताया ‘तुगलकी फरमान’

पंचकूला, 20 फरवरी। हिंद संग्राम परिषद् (रजि. ट्राईसिटी), हिम एकता वेलफेयर महासंघ (रजि. हरियाणा) और सिद्ध जोगी सेवा चेरीटेबल ट्रस्ट (रजि. हरियाणा) ने हिमाचल प्रदेश में वाहनों की एंट्री फीस बढ़ाए जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठनों ने आरोप लगाया कि सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी हिमाचलियों और बाहरी वाहनों के साथ “घोर अन्याय” किया है।

40 से 170 रुपये तक बढ़ी फीस
संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि कुछ समय पहले छोटे वाहनों की एंट्री फीस 40 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 70 रुपये किया गया और अब इसे सीधे 170 रुपये कर दिया गया है। उनका कहना है कि यह बढ़ोतरी “डबल से भी ज्यादा” है और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी।

ट्राईसिटी से विरोध की आवाज बुलंद
परिषद् ट्राईसिटी के प्रधान अवतार सैणी, उपाध्यक्ष डॉ. कर्मचंद, महासचिव हरीश शर्मा, महासंघ के प्रधान अशोक चौधरी सहित कई पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका सुझाव है कि 70 रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 100 रुपये तक की वृद्धि स्वीकार्य हो सकती थी, लेकिन 170 रुपये की दर अनुचित है।
धार्मिक और व्यापारिक गतिविधियों पर असर की आशंका
संगठनों ने चेतावनी दी कि फीस वृद्धि का असर देवभूमि के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और राज्य की व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। उनका कहना है कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो अन्य राज्य भी हिमाचली वाहनों पर समान एंट्री फीस लगाने पर विचार कर सकते हैं, जिससे आपसी राज्यों के संबंध प्रभावित होंगे।


ट्रैक्टरों पर भी शुल्क का विरोध
प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रैक्टरों की आवाजाही पर 100 रुपये की एंट्री फीस लगाना किसानों के हितों के खिलाफ है। उनका कहना है कि किसानों को राहत देने के बजाय इस तरह के फैसले उनके लिए अतिरिक्त बोझ साबित होंगे।
संगठनों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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