August 30, 2026 11:50 am

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100 करोड़ पर संकट! निजी बैंक में फंसी पंचकूला नगर निगम की रकम, जांच तेज

पंचकूला: हरियाणा सरकार के सख्त निर्देशों के बाद एक बड़ा वित्तीय मामला सामने आया है। जिन दो निजी बैंकों में सरकार ने सरकारी खाते बंद करने के आदेश दिए हैं, उनमें से एक बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ स्थित शाखा में नगर निगम पंचकूला और कालका नगर परिषद के करीब 100 करोड़ रुपये जमा होने का मामला उजागर हुआ है। खातों के मिलान के दौरान भारी विसंगतियां सामने आई हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

खातों के मिलान में गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार, अधिक ब्याज दर का लालच देकर संबंधित निजी बैंक ने नगर निगम पंचकूला और कालका नगर परिषद को खाते और एफडीआर खुलवाने के लिए प्रेरित किया था। बैंक अधिकारियों ने दावा किया था कि उनका बैंक हरियाणा सरकार के पैनल में शामिल है और अन्य बैंकों से अधिक ब्याज दे रहा है। इसके बाद दोनों संस्थाओं ने मिलकर लगभग 100 करोड़ रुपये जमा करवा दिए।
हालांकि हाल ही में खातों के मिलान के दौरान बैंक रिकॉर्ड में राशि का सही मिलान नहीं पाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि नगर निगम या नगर परिषद की ओर से कोई निकासी नहीं की गई, फिर भी खातों में विसंगतियां सामने आई हैं। हालांकि बैंक द्वारा जारी कंफर्मेशन पत्र और संबंधित दस्तावेज नगर निगम के पास सुरक्षित हैं, जिससे अधिकारियों को उम्मीद है कि पूरी राशि वापस मिल जाएगी।

31 मार्च तक खाते बंद करने के निर्देश
हरियाणा सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को 31 मार्च तक निजी बैंकों से अपनी जमा राशि निकालने और खाते बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में सरकारी खाते केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही खोले जाएंगे। विशेष परिस्थितियों में निजी बैंक में खाता खोलने के लिए वित्त विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति खाता खोलना गैरकानूनी माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नए खाते खोलने पर नियंत्रण
वित्त विभाग ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर नए बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने पाया कि कुछ मामलों में उच्च ब्याज दर वाली एफडीआर के बजाय राशि को बचत खातों में रखा गया, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। इसके अलावा कई विभाग अपने खातों का नियमित मिलान नहीं कर रहे थे, जिससे अनियमितताओं का समय रहते पता नहीं चल पाया।

मासिक मिलान अनिवार्य
अब सभी विभागों को अपने बैंक खातों का मासिक मिलान करना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी भी प्रकार की विसंगति मिलने पर तुरंत संबंधित बैंक और वित्त विभाग को सूचना देनी होगी। 31 मार्च तक खातों का मिलान कर 4 अप्रैल तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
प्रारंभिक जांच में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। कुछ कर्मचारी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। यदि राशि समय पर वापस नहीं मिली तो बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।
फिलहाल नगर निगम पंचकूला और कालका नगर परिषद के अधिकारी अपनी जमा राशि सुरक्षित वापस लेने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि दस्तावेज सुरक्षित हैं और सरकार के निर्देशों के अनुसार पूरी राशि वापस ले ली जाएगी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी वित्तीय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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