April 5, 2026 1:00 pm

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गुजरात में आईओसीएल रिफाइनरी और अमूल डेयरी का पंजाब-चंडीगढ़ मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा

वड़ोदरा/चंडीगढ़/जालंधर, 28 फरवरी। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी), जालंधर द्वारा आयोजित मीडिया टूर के तहत पंजाब और चंडीगढ़ के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गुजरात में स्थित Indian Oil Corporation Limited (आईओसीएल) की गुजरात रिफाइनरी और Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation की प्रमुख इकाई अमूल डेयरी, आनंद का दौरा किया।


आईओसीएल रिफाइनरी की कार्यप्रणाली से कराया अवगत
रिफाइनरी अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को संचालन क्षमता, रिफाइनिंग प्रक्रियाओं और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में रिफाइनरी की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आईओसीएल देश की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनियों में से एक है, जो पारंपरिक पेट्रोलियम उत्पादों के साथ-साथ लीनियर अल्काइल बेंजीन (LAB) जैसे उत्पादों का निर्माण भी करती है। LAB का उपयोग आधुनिक डिटर्जेंट निर्माण में किया जाता है, जबकि इसके अन्य उत्पाद पेंट और चिपकाने वाले उद्योगों की जरूरतें भी पूरी करते हैं।
रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख बिप्लब बिस्वास ने बताया कि कंपनी ऊर्जा क्षेत्र में बदलती जरूरतों के अनुरूप निरंतर विस्तार कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ने दुमद स्थित एक्रिलिक ऑक्सो अल्कोहल प्लांट का भी दौरा किया, जहां ब्यूटाइल एक्रिलेट और एन-ब्यूटानॉल जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पाद बनाए जाते हैं। लगभग 5,894 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस परियोजना का उद्घाटन सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह प्लांट पेट्रोकेमिकल आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि गुजरात रिफाइनरी में पेट्रोकेमिकल और ल्यूब इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट (LUPEC) के तहत करीब 17,825 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे इसकी नाममात्र क्षमता 13.7 एमएमटीपीए से बढ़कर 18 एमएमटीपीए हो गई है। रिफाइनरी पहले से ही बीएस-VI अनुकूल ईंधन, एक्सपी-100 प्रीमियम पेट्रोल, एथेनॉल मिश्रित मोटर स्पिरिट और कम सल्फर युक्त समुद्री ईंधन का उत्पादन कर रही है।
1966 में स्थापित गुजरात रिफाइनरी, आईओसीएल की प्रमुख और सबसे बड़ी रिफाइनरी है, जो कंपनी की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 32 प्रतिशत योगदान देती है।


अमूल डेयरी मॉडल की भी ली जानकारी
मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने इसके बाद आनंद स्थित अमूल डेयरी का दौरा किया, जो जीसीएमएमएफ की प्रमुख इकाई है। अधिकारियों ने बताया कि फेडरेशन लगभग 36 लाख किसानों से सालाना करीब 11 अरब लीटर दूध की खरीद करता है। आनंद डेयरी की कुल हैंडलिंग क्षमता लगभग 50 मिलियन लीटर प्रतिदिन है, जिससे यह दुनिया की अग्रणी डेयरियों में शामिल है।
आनंद यूनियन से जुड़ी 1,278 ग्राम सहकारी समितियों के माध्यम से करीब 8 लाख किसान जुड़े हुए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दूध खरीद लगभग 1.75 अरब किलोग्राम रही, जबकि कुल टर्नओवर लगभग 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि खरीद, प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन और देशव्यापी विपणन के एकीकृत मॉडल ने ग्रामीण आय बढ़ाने, डेयरी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने और कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। प्रतिनिधिमंडल को दूध प्रोसेसिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और अमूल ब्रांड के अंतर्गत निर्मित विभिन्न उत्पादों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

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Author: BabuGiri Hindi

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