April 6, 2026 10:20 am

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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार का भरोसा: देश में LPG, पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, घबराकर गैस बुकिंग न करें

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि देश में कुकिंग गैस या ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराकर गैस सिलेंडर की पैनिक बुकिंग करने से बचना चाहिए।
शुक्रवार को आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां निश्चित रूप से चिंता का विषय हैं, लेकिन फिलहाल देश में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
पैनिक बुकिंग से बढ़ा दबाव, जरूरत पर ही करें बुकिंग
सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में लोगों में घबराहट के कारण एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक भारी बढ़ोतरी देखी गई है। पहले जहां रोजाना करीब 7.5 से 7.6 मिलियन सिलेंडर बुकिंग होती थी, वहीं यह आंकड़ा बढ़कर करीब 8.8 मिलियन तक पहुंच गया है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उपभोक्ता केवल जरूरत होने पर ही सिलेंडर बुक करें, क्योंकि अनावश्यक बुकिंग से सप्लाई सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और वास्तविक जरूरतमंदों तक गैस पहुंचाने में दिक्कत हो सकती है।

तकनीकी कारणों से आई थी बुकिंग में दिक्कत
उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में कुछ लोगों ने गैस बुकिंग फेल होने की शिकायतें की थीं, लेकिन इसका कारण सप्लाई की कमी नहीं था। तीन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में से एक के बुकिंग सिस्टम पर अचानक कॉल की संख्या बढ़ने से तकनीकी समस्या आ गई थी।
अब सिस्टम को अपग्रेड कर दिया गया है और अधिक कॉल वॉल्यूम को संभालने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया गया है। मंत्रालय लगातार इस स्थिति की निगरानी कर रहा है।

कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी सुनिश्चित
सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर भी कई कदम उठाए हैं। सुजाता शर्मा ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनकी सप्लाई के लिए तय मात्रा सुनिश्चित करने का फैसला किया है।
इस संबंध में राज्य सरकारों से भी समन्वय किया गया है। वर्तमान में 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण शुरू हो चुका है और ये उपभोक्ताओं तक पहुंच भी चुके हैं।
उन्होंने बताया कि एलपीजी बुकिंग का लगभग 84 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है, जिसे आगे बढ़ाकर लगभग 100 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से और पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप या रिटेल आउटलेट से ईंधन खत्म होने की कोई सूचना नहीं मिली है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पेट्रोल और डीजल देश में ही तैयार करता है, इसलिए ईंधन आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है।
कमर्शियल उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन देने की योजना
सरकार ने यह भी बताया कि जहां कमर्शियल उपभोक्ताओं को एलपीजी सप्लाई में दिक्कत आ रही है, वहां उन्हें पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
इसके लिए गेल (GAIL) ने विभिन्न सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि जहां भी संभव हो, सभी पात्र कमर्शियल उपभोक्ताओं को तेजी से पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।

होर्मुज जलडमरूमध्य से LPG लेकर भारत आ रहे दो जहाज
इस दौरान शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी तरह की अनहोनी की खबर नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी कैरियर जहाज – ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ – सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं और इनके 16 और 17 मार्च को मुंद्रा तथा कांडला बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग इन सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए है।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में समुद्री संचार केंद्र को 312 फोन कॉल और 460 ईमेल प्राप्त हुए, जिनमें नाविकों, उनके परिवारों और मैरीटाइम सेक्टर के अन्य हितधारकों के सवालों का जवाब दिया गया। पिछले 15 दिनों में कुल 2,500 से अधिक कॉल और करीब 5,000 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
सरकार ने दोहराया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाह या घबराहट से बचना चाहिए।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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