April 6, 2026 1:28 am

April 6, 2026 1:28 am

चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के डेपुटेशन पैनल को किया खारिज, नियमों का पालन न होने पर लौटाए प्रस्ताव

चंडीगढ़। केंद्र शासित प्रदेश Chandigarh प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा सरकारों द्वारा भेजे गए अधिकारियों के डेपुटेशन पैनल को खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि भेजे गए प्रस्ताव निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थे, इसलिए उन्हें वापस भेज दिया गया है। प्रशासन ने दोनों राज्यों से कहा है कि वे नियमानुसार नया पैनल तैयार कर दोबारा भेजें।
सूत्रों के अनुसार, Chandigarh Administration को हाल ही में Punjab और Haryana सरकारों की ओर से विभिन्न विभागों में नियुक्ति के लिए अधिकारियों के नाम भेजे गए थे। ये अधिकारी डेपुटेशन के आधार पर चंडीगढ़ में तैनात किए जाने थे। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि प्रस्तावित पैनल में कुछ आवश्यक औपचारिकताओं और पात्रता मानकों का पालन नहीं किया गया था।

नियमों के अनुसार भेजने को कहा गया नया पैनल
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि डेपुटेशन प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन की ओर से तय दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है। पैनल में अधिकारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और कैडर नियमों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
हालांकि, इस बार भेजे गए प्रस्तावों में कुछ जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं अधूरी पाई गईं। इसी कारण प्रशासन ने दोनों राज्यों को प्रस्ताव वापस भेजते हुए नया और पूर्ण पैनल भेजने के निर्देश दिए हैं।

कई विभागों में पद खाली
बताया जा रहा है कि Chandigarh प्रशासन के कई विभागों में लंबे समय से अधिकारियों के पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए अक्सर Punjab और Haryana कैडर के अधिकारियों को डेपुटेशन पर बुलाया जाता है।
इस बार पैनल खारिज होने से नियुक्ति प्रक्रिया में देरी होने की संभावना है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि दोनों राज्य जल्द ही नया पैनल भेजेंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

डेपुटेशन प्रणाली से चलता है प्रशासन
ज्ञात हो कि Chandigarh एक केंद्र शासित प्रदेश है और यहां के कई प्रशासनिक पदों पर अधिकारी पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर आते हैं। यही कारण है कि समय-समय पर दोनों राज्यों से अधिकारियों के पैनल भेजे जाते हैं और उनकी नियुक्ति यूटी प्रशासन की मंजूरी के बाद ही होती है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा पैनल वापस भेजे जाने के बाद दोनों राज्यों की सरकारें नए सिरे से नामों पर विचार कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही संशोधित पैनल भेजा जाएगा ताकि खाली पदों को भरा जा सके।

प्रशासन ने दोनों राज्यों को निर्देश दिया है कि पात्रता और सेवा नियमों के अनुसार नया पैनल तैयार कर दोबारा भेजा जाए।

सूत्रों के अनुसार Punjab सरकार की ओर से भेजे गए पैनल में तीन आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल थे, जिनमें प्रमुख रूप से Rubinderjit Singh Brar का नाम भी था। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि कुछ अधिकारियों ने आवश्यक सेवा अवधि या ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ पूरा नहीं किया था, जबकि एक अधिकारी हाल ही में चंडीगढ़ से अपने मूल कैडर पंजाब वापस गया था और उसे दोबारा भेज दिया गया था। इसलिए पूरा पैनल खारिज कर दिया गया।
इसी तरह Haryana सरकार द्वारा भेजे गए पैनल में तीन एचसीएस (HCS) अधिकारियों के नाम शामिल थे। इनमें से दो अधिकारी ऐसे थे जिनका नाम पहले ही आईएएस प्रमोशन के लिए Union Public Service Commission के पास विचाराधीन था। ऐसे में उनका चंडीगढ़ में डेपुटेशन व्यावहारिक नहीं माना गया। इसके अलावा पैनल में ऐसे अधिकारियों का अभाव पाया गया जिनकी सेवा अवधि इतनी बची हो कि वे पूरा डेपुटेशन कार्यकाल पूरा कर सकें।

नियमों के कारण लौटा पूरा पैनल
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर नियुक्ति के लिए कुछ स्पष्ट शर्तें होती हैं—
मूल कैडर में न्यूनतम सेवा अवधि
आवश्यक कूलिंग-ऑफ पीरियड
पर्याप्त शेष सेवा अवधि
सेवा रिकॉर्ड और वरिष्ठता
इन शर्तों का पालन न होने पर पैनल को मंजूरी नहीं दी जा सकती।

खाली पदों पर नियुक्ति में होगी देरी
बताया जा रहा है कि Chandigarh Administration के कई विभागों में अधिकारियों के पद खाली हैं और इन्हें भरने के लिए ही पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर अधिकारी बुलाए जाते हैं। पैनल लौटाए जाने से फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया में कुछ देरी हो सकती है।
प्रशासन ने दोनों राज्यों से कहा है कि वे नए और पूरी तरह पात्र अधिकारियों के नाम भेजें, ताकि नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 3 4 0
Total Users : 291340
Total views : 493636

शहर चुनें