चंडीगढ़: वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच देश में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों के चलते चंडीगढ़ प्रशासन ने एलपीजी को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
प्रशासन के अनुसार, हाल के दिनों में एलपीजी की मांग में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, जिसका मुख्य कारण कुछ क्षेत्रों में पैनिक बाइंग है। हालांकि, तेल विपणन कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
वहीं, वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई को भारत सरकार द्वारा औसत मासिक बिक्री के 20 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। इसके बावजूद प्रशासन ने अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और आश्रय गृहों जैसी आवश्यक सेवाओं में गैस आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
एलपीजी के दुरुपयोग, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षकों और तेल कंपनियों को कड़ी निगरानी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति कालाबाजारी में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और कालाबाजारी निवारण अधिनियम, 1980 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही सरकार वैकल्पिक ईंधन के रूप में पीएनजी को बढ़ावा दे रही है, जिसे एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित और किफायती बताया गया है। शहर के कई सेक्टरों में पहले से ही पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है और कई वाणिज्यिक संस्थान इसका उपयोग कर रहे हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी की कोई सूचना नहीं है।
अंत में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, घबराकर खरीदारी न करें और एलपीजी की जमाखोरी या कालाबाजारी में किसी भी प्रकार से शामिल न हों।










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