चंडीगढ़: निशांत कुमार यादव, उपायुक्त चंडीगढ़ ने आज ‘NAKSHA (नक़्शा)’ परियोजना और लैंड स्टैक परियोजना की प्रगति को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी एजेंसियां और फील्ड स्तर पर काम कर रहे अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में उपायुक्त ने दोनों परियोजनाओं के तहत फील्ड सर्वे, डेटा संग्रहण, डिजिटाइजेशन प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच डेटा इंटीग्रेशन की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान तय समय-सीमा, सामने आ रही चुनौतियों और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय को इन परियोजनाओं की सफलता की कुंजी बताते हुए निर्देश दिए कि डेटा की सटीकता, एकरूपता और रियल-टाइम शेयरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने फील्ड सर्वे के दौरान विशेष सावधानी बरतने और संपत्तियों से जुड़े हर छोटे-बड़े विवरण—जैसे सीमाएं, स्वामित्व रिकॉर्ड और संरचनात्मक जानकारी—का सही ढंग से सत्यापन करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ‘नक़्शा’ और लैंड स्टैक परियोजनाएं चंडीगढ़ में भूमि और संपत्ति अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी और परिवर्तनकारी पहल हैं। इनके पूर्ण होने पर नागरिकों को संपत्ति से जुड़ी सभी जानकारी ऑनलाइन, पारदर्शी और आसान तरीके से उपलब्ध होगी।
उपायुक्त ने बताया कि इन योजनाओं के लागू होने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगेंगे, प्रक्रियाओं में देरी घटेगी और लोगों के जीवन स्तर (Ease of Living) में सुधार होगा। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ने से संपत्ति विवादों में कमी आएगी और बेहतर डेटा प्रबंधन के जरिए सुशासन को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि तय समय-सीमा का सख्ती से पालन करते हुए मिशन मोड में काम करें। साथ ही, प्रगति की नियमित निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी समीक्षा तंत्र भी सुनिश्चित किया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पक्षों से आपसी समन्वय, सटीकता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।










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