चंडीगढ़। हरियाणा के हालिया राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में विधायकों की “खरीद-फरोख्त” हुई, जिससे प्रदेश की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिखावे के लिए कांग्रेस के 37 विधायकों को हिमाचल प्रदेश में रखा, जबकि अंदरखाने भाजपा के साथ सौदेबाजी करते रहे।
“हुड्डा थे चुनाव एजेंट, वोटिंग में हुई गड़बड़ी”
इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस ने हुड्डा को चुनाव एजेंट बनाया था और विधायकों को अपना वोट उन्हें दिखाकर डालना होता है। इसके बावजूद—
कांग्रेस के 4 विधायकों के वोट रद्द हो गए
5 विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को वोट दिया
उन्होंने दावा किया कि यह सब हुड्डा की जानकारी के बिना संभव नहीं था।
“भाजपा का एक वोट कैंसल, इसलिए जीत पाए बौद्ध”
प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि भाजपा का एक वोट रद्द होने के कारण ही कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध जीत सके, वरना हुड्डा ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जिताने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
अभय चौटाला के फैसले की सराहना
उन्होंने अभय सिंह चौटाला के विधायकों को चुनाव से दूर रखने के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि इससे इनेलो पर आरोप लगने से बचाव हुआ।
पुराने चुनावों का भी किया जिक्र
प्रो. सम्पत सिंह ने 2016, 2020 और 2022 के राज्यसभा चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि हर बार हुड्डा ने अपनी पसंद के उम्मीदवार न होने पर भाजपा की मदद की।
कांग्रेस पर तीखा तंज
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब भाजपा में विलय कर लेना चाहिए, क्योंकि दोनों पार्टियां मिलकर राजनीति कर रही हैं।
राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।















Total Users : 412472
Total views : 662287