चंडीगढ़। हरियाणा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनाव में कथित तौर पर हुई क्रॉस-वोटिंग ने पार्टी की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
12 घंटे के भीतर इस्तीफा, पार्टी भी छोड़ी
राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के महज 12 घंटे के भीतर रामकिशन गुर्जर ने कांग्रेस संगठन से खुद को अलग करने का फैसला ले लिया। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा।
अपने संक्षिप्त पत्र में उन्होंने लिखा कि वह न केवल अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं, बल्कि पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ रहे हैं। उनके इस फैसले को पार्टी के अंदर बढ़ते दबाव और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
पत्नी विधायक, बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
रामकिशन गुर्जर की पत्नी शैली चौधरी अंबाला जिले की नारायणगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान वे अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ हिमाचल प्रदेश भी गई थीं, जिससे इस पूरे घटनाक्रम में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पति के इस्तीफे के बाद शैली चौधरी का अगला कदम क्या होगा—क्या वे पार्टी के साथ बनी रहेंगी या कोई अलग फैसला लेंगी। इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
नारायणगढ़ सीट का सियासी इतिहास
नारायणगढ़ सीट हरियाणा की राजनीति में खास महत्व रखती है। यह क्षेत्र वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गृह क्षेत्र माना जाता है।
साल 2005 के विधानसभा चुनाव में रामकिशन गुर्जर ने नायब सिंह सैनी को हराया था।
वहीं 2014 में नायब सिंह सैनी ने वापसी करते हुए उन्हें इसी सीट से पराजित किया और पहली बार विधायक बने।
इस सीट का राजनीतिक इतिहास दोनों नेताओं के बीच सीधी टक्कर का गवाह रहा है, जिससे मौजूदा घटनाक्रम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
हुड्डा ने हाईकमान को भेजी रिपोर्ट
इसहरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में घमासान, क्रॉस-वोटिंग के आरोपों के बीच रामकिशन गुर्जर का इस्तीफा पूरे विवाद के बीच हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों के नाम पार्टी हाईकमान को भेज दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब अंतिम फैसला हाईकमान स्तर पर होगा और दोषी विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।
कांग्रेस में बढ़ सकता है संकट
राज्यसभा चुनाव के बाद उभरी यह स्थिति हरियाणा कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बन सकती है। एक ओर जहां क्रॉस-वोटिंग के आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे से संगठनात्मक कमजोरी भी सामने आ रही है।
अब देखना होगा कि पार्टी हाईकमान इस पूरे मामले में क्या सख्त कदम उठाता है और क्या कांग्रेस आने वाले समय में इस आंतरिक कलह से उबर पाती है या नहीं।











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