चंडीगढ़। हरियाणा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने कथित तौर पर क्रॉस-वोटिंग करने वाले अपने विधायकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया है।
हरियाणा के प्रभारी कांग्रेस महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी ऐसे विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कड़ा मुकाबला, मामूली अंतर से जीत
सोमवार को हुई वोटिंग में भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को बेहद करीबी मुकाबले में हराया। बौद्ध की जीत बहुत कम अंतर से हुई, जिससे क्रॉस-वोटिंग के आरोप और तेज हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग किए जाने की चर्चा है। वहीं, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अमान्य घोषित किए गए पांच वोटों में से चार कांग्रेस विधायकों के बताए जा रहे हैं। 90 सदस्यीय विधानसभा में इंडियन नेशनल लोक दल के दो विधायक मतदान से दूर रहे।
“हाईकमान को सौंपे नाम”
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों के नाम हाईकमान को सौंप दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर नाम बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “नाम सभी को पता हैं, पार्टी नेतृत्व इस पर फैसला करेगा।”
एक वोट से चूके नांदल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सतीश नांदल केवल एक वोट से हार गए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की और उनके चार वोट खारिज कर दिए गए। साथ ही उन्होंने INLD पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने कांग्रेस की “बी टीम” की तरह काम किया।
“विश्वासघात पर होगी कार्रवाई”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि पार्टी के साथ “विश्वासघात” करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई तय है।
वहीं, बी.के. हरिप्रसाद ने भी देर रात दोहराया कि क्रॉस-वोटिंग में शामिल विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने चुनाव में हर तरह के हथकंडे अपनाए, लेकिन कांग्रेस इस “अग्नि परीक्षा” में पास हो गई।











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