बाबूगिरी ब्यूरो
गुरुग्राम, 20 मार्च 2026। देश के ग्रामीण अंचलों से आई महिलाओं ने READ India के मंच पर अपनी सफलता की प्रेरणादायक कहानियां साझा कर यह साबित कर दिया कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर गांव की महिलाएं भी बदलाव की मजबूत धुरी बन सकती हैं। सेक्टर-45 स्थित कार्यक्रम स्थल पर आयोजित READ Summit 2026 में देशभर से आए ग्रासरूट लीडर्स ने अपने संघर्ष, सीख और उपलब्धियों की कहानी सुनाई।

लाइब्रेरी से लीडर बनने तक का सफर
समिट में बताया गया कि कैसे ग्रामीण महिलाओं ने READ इंडिया की सामुदायिक लाइब्रेरी से किताबें पढ़कर, कंप्यूटर और स्किल बेस्ड ट्रेनिंग लेकर अपनी अलग पहचान बनाई। आज यही महिलाएं अपने-अपने गांवों में अन्य महिलाओं को जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं।

“जमीनी महिलाओं की आवाज को मंच देना है लक्ष्य”
उद्घाटन सत्र में READ इंडिया की सीईओ डॉ. गीता मल्होत्रा ने कहा कि इस समिट का उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं की आवाज को उनके हुनर के साथ सामने लाना है। उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों से संगठन सामुदायिक लाइब्रेरी और तकनीक आधारित कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं की नेतृत्व क्षमता विकसित कर रहा है।
देश के 13 राज्यों में 65 सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से 55 हजार से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है।

सतत विकास में समुदाय की भूमिका अहम
READ इंडिया के फाउंडर ट्रस्टी जे. विक्रम बख्शी ने कहा कि सतत विकास केवल नीतियों से संभव नहीं, बल्कि समुदाय से उभरने वाले नेतृत्व से ही वास्तविक बदलाव आता है।
वहीं Rishihood University के सेंटर फॉर ह्यूमन साइंसेज के निदेशक प्रो. संपदानंद मिश्रा ने भारतीय संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
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SDG लक्ष्यों से जुड़ा समिट
READ इंडिया की डायरेक्टर पार्टनरशिप स्मिता राय ने बताया कि समिट को संयुक्त राष्ट्र के United Nations के सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के 5P फ्रेमवर्क—People, Planet, Prosperity, Partnership और Peace—से जोड़ा गया।
चर्चा, संवाद और नवाचार पर फोकस
समिट में विभिन्न सत्रों के दौरान—
ग्रासरूट लीडरशिप संवाद
महिला सशक्तिकरण
डिजिटल समावेशन
कौशल विकास
जमीनी नवाचार
जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विकास विशेषज्ञों और CSR प्रतिनिधियों ने भविष्य की रणनीतियों पर भी अपने विचार साझा किए।
हस्तशिल्प उत्पादों की रैंप वॉक बनी आकर्षण
कार्यक्रम में महिला कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों की रैंप वॉक आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं ने खुद अपने तैयार किए परिधानों को प्रस्तुत किया। इस अनोखी प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और महिलाओं की रचनात्मकता की सराहना हुई।
आकांक्षी जिलों में बदलाव की पहल
समिट में NITI Aayog के Aspirational Districts Programme के तहत किए जा रहे कार्यों का भी जिक्र हुआ। READ इंडिया द्वारा महाराष्ट्र के लातूर, बीड़, हरियाणा के नूंह और राजस्थान के बारां जैसे जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में काम किया जा रहा है।
रिपोर्ट का विमोचन
समिट के दौरान “Grassroots Initiative with Community First Approach” शीर्षक से एक विशेष रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें संगठन के सामुदायिक विकास मॉडल और उसके प्रभाव को दर्शाया गया।
ग्रासरूट लीडर्स का सम्मान
कार्यक्रम में कई ग्रासरूट लीडर्स को सम्मानित भी किया गया।
लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड: नीति सक्सेना
सत्काल अवार्ड: स्वाति पीवाल, डॉ. उपासना यादव, अरुमुगम पिचाय
देशभर से पहुंचे प्रतिनिधि
समिट में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और नोएडा सहित कई राज्यों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
READ Summit 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब शिक्षा, तकनीक और सामुदायिक सहयोग एक साथ आते हैं, तो ग्रामीण भारत की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा भी तय करती हैं।











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