बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में हरियाणा राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग के मामले ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में पांचवें विधायक के रूप में रतिया से विधायक जरनैल सिंह का नाम सामने आया है। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। इस खुलासे के बाद सियासी हलकों में हलचल और तेज हो गई है।
पहले चार विधायकों पर भी कार्रवाई
इससे पहले कांग्रेस चार अन्य विधायकों को भी नोटिस थमा चुकी है। इनमें शैली चौधरी (नारायणगढ़), रेनू बाला (साढौरा), मोहम्मद इलियास (पुन्हाना) और मोहम्मद इजराइल (हथीन) शामिल हैं। इन सभी पर पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने के आरोप लगे हैं। पांचवें नाम को लेकर बना सस्पेंस अब खत्म हो गया है।
जरनैल सिंह का राजनीतिक सफर
जरनैल सिंह का राजनीतिक करियर लंबा और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे अब तक छह बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, जिनमें तीन बार जीत दर्ज की है। साल 2000 में उन्होंने इनेलो के टिकट पर पहली बार जीत हासिल की थी। बाद में कांग्रेस में शामिल होकर उन्होंने कई चुनाव लड़े और अलग-अलग परिणाम पाए।

हार-जीत के बीच वापसी की कहानी
2009 के विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन 2011 के उपचुनाव में जीत दर्ज कर वापसी की। 2014 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और 2019 में बेहद कम अंतर से चुनाव हार गए। हालांकि, 2024 के चुनाव में उन्होंने दमदार वापसी करते हुए भाजपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया और रतिया सीट पर कांग्रेस की करीब 30 साल बाद जीत सुनिश्चित की।
बयानों से बढ़ी सियासी मुश्किलें
जरनैल सिंह अपने बयानों को लेकर भी कई बार सुर्खियों में रहे हैं। वे सार्वजनिक मंचों और विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के कामकाज की सराहना कर चुके हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बीच उनकी भूमिका को लेकर सवाल और गहराते जा रहे हैं।
फिलहाल पार्टी नेतृत्व उनके जवाब का इंतजार कर रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।











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