May 23, 2026 8:25 pm

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AI से खेती में आएगी क्रांति, किसानों की आय बढ़ाकर भविष्य होगा सुरक्षित: भगवंत मान

बाबूगिरी ब्यूरो
लुधियाना, 20 मार्च 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) खेती के क्षेत्र में अगला बड़ा बदलाव साबित होगा, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के भविष्य को सुरक्षित करेगा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती अब अपनी सीमाओं तक पहुंच चुकी है और किसानों को संकट से बचाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की मांग है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय किसान मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके बदले राज्य की मिट्टी और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव पड़ा है। ऐसे में किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना बेहद जरूरी हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब लाभदायक नहीं रही है और किसानों को अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एआई तकनीक किसानों को सही समय पर सही फसल चुनने में मदद करेगी, जिससे उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ेंगे।
उन्होंने सरकार की किसान-पक्षीय पहलों का जिक्र करते हुए बताया कि धान सीजन के दौरान किसानों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य में गन्ने का मूल्य 416 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है, जबकि गेहूं और धान की खरीद के लिए हर साल करीब 80,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में 24 घंटे के भीतर ट्रांसफर किए जाते हैं।
सिंचाई ढांचे में सुधार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से 2025 के बीच 6,700 करोड़ रुपये खर्च कर नहरों की मरम्मत और आधुनिकीकरण किया गया है। इससे नहर सिंचाई का क्षेत्र 20.90 लाख एकड़ से बढ़कर 58 लाख एकड़ तक पहुंच गया है। 15,539 नहरों की सफाई और 18,349 खालों की बहाली की गई है, जबकि दशकों बाद 1,444 गांवों तक नहर का पानी पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में बंद पड़ी 101 नहरों को दोबारा चालू किया गया है और कई प्रमुख नहरों की क्षमता में वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश की केवल 3 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्यान्न भंडार में लगभग 40 प्रतिशत गेहूं और 31 प्रतिशत चावल का योगदान देता है।
महिलाओं के कल्याण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मां-धियां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा और इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना का मजाक उड़ाने वाले आम लोगों के संघर्षों से अनजान हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें, जिन्होंने पहले नशे और अपराध को बढ़ावा दिया, अब फिर से एकजुट हो रही हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सरकार पूरी ईमानदारी से जनता के हित में काम कर रही है।
अकाली नेतृत्व पर हमला बोलते हुए उन्होंने सुखबीर सिंह बादल को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने निजी स्वार्थों के लिए पंजाब को नुकसान पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी व्यावसायिक गतिविधि जैसे बसों, ढाबों, रेत या शराब के कारोबार में कोई हिस्सा नहीं है और वे केवल पंजाब के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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