रिटायर्ड मेजर जनरल के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को बना रहे थे निशाना
बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 20 मार्च। साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने रिटायर्ड मेजर जनरल के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी की साजिश रचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-20 पंचकूला निवासी रिटायर्ड मेजर जनरल राजन महाजन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बना ली थी। इस प्रोफाइल के जरिए उनके परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती थी और भरोसे में लेकर ठगी की योजना बनाई जा रही थी।
आरोपी लोगों को झांसा देते थे कि उनका एक मित्र सीआरपीएफ में तैनात है, जो ट्रांसफर के चलते अपना घरेलू सामान सस्ते दामों में बेच रहा है। इस बहाने लोगों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश की जाती थी।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि 9 मार्च को मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान फेसबुक अकाउंट, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आया कि फर्जी अकाउंट एक मोबाइल नंबर से बनाया गया था, जो राजस्थान के अलवर निवासी बब्लू मीना के नाम पर पंजीकृत था।
पुलिस ने 15 मार्च को बब्लू मीना को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने लालच में आकर अपने नाम पर कई सिम कार्ड लेकर अन्य लोगों को बेच दिए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया गया।
इसके बाद जांच के दौरान दूसरे आरोपी हरीश कुमार सहगल निवासी भरतपुर, राजस्थान को भी गिरफ्तार किया गया, जो इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा निकला। दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पंचकूला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान या संदिग्ध प्रोफाइल पर भरोसा न करें। किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन करने से पहले पूरी तरह सत्यापन अवश्य करें, क्योंकि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।













Total Users : 323557
Total views : 540274