July 13, 2026 5:16 am

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PGIMER में बनेगा समर्पित ट्रांसप्लांट सेंटर, सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव: प्रो. विवेक लाल

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 21 मार्च 2026: Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGIMER) में जल्द ही एक स्वतंत्र और समर्पित ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह घोषणा संस्थान के निदेशक Prof. Vivek Lal ने ISTS Annual Conference 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए की।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ट्रांसप्लांट सेंटर के माध्यम से न केवल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा, बल्कि प्रशिक्षण और अनुसंधान क्षमताओं का भी विस्तार होगा। इससे प्रत्यारोपण सेवाओं की गुणवत्ता, संख्या और मरीजों के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
सेवाओं का होगा एकीकरण, बढ़ेगी कार्यक्षमता
वर्तमान में PGIMER में प्रत्यारोपण सेवाएं अलग-अलग विभागों द्वारा संचालित की जाती हैं। नए सेंटर के बनने से इन सेवाओं का एकीकरण होगा, अतिरिक्त स्थान और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे समन्वय बेहतर होगा, देरी कम होगी और मरीजों को अधिक प्रभावी उपचार मिल सकेगा।

प्रत्यारोपण सबसे नेक सर्जरी”
प्रो. विवेक लाल ने प्रत्यारोपण को सर्जिकल विज्ञान का सर्वोच्च कार्य बताते हुए कहा कि यह केवल जीवन ही नहीं, बल्कि गरिमा और आशा भी लौटाता है। उन्होंने युवा सर्जनों से मूलभूत प्रशिक्षण पर ध्यान देने और अनुशासन व समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

भारत की विरासत पर गर्व
उन्होंने चिकित्सा इतिहास में पहले प्रत्यारोपण का श्रेय Sushruta को देते हुए कहा कि भारत की यह विरासत आज के डॉक्टरों को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
डायलिसिस के दर्द से मुक्ति का माध्यम
मरीजों की पीड़ा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डायलिसिस बेहद कष्टदायक प्रक्रिया है, जबकि प्रत्यारोपण मरीजों को बेहतर जीवन गुणवत्ता और नई उम्मीद देता है।

दाता परिवारों और समन्वयकों की अहम भूमिका
उन्होंने अंगदान में दाता परिवारों और ट्रांसप्लांट समन्वयकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यही लोग इस प्रक्रिया के वास्तविक नायक हैं, जो कठिन समय में भी जीवनदान का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सम्मेलन में कई वरिष्ठ विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए, जिनमें शामिल रहे:
Prof. S. N. Mehta – सीमित संसाधनों में प्रत्यारोपण की शुरुआती चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
Prof. Mukut Minz – PGIMER में ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के विकास पर चर्चा की।
Dr. Vatsala Trivedi – सर्जरी क्षेत्र में लैंगिक भेदभाव के बावजूद अपनी सफलता की कहानी साझा की।

ISTS की भूमिका अहम
Dr. Harsha Jauhari ने कहा कि Indian Society of Transplantation (ISTS) देश में वैज्ञानिक सहयोग और नैतिक आधार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

धन्यवाद प्रस्ताव के साथ सत्र का समापन
सत्र का समापन Prof. Ashish Sharma द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ट्रांसप्लांट विज्ञान को आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
ISTS 2026 का यह उद्घाटन सत्र चिकित्सा विज्ञान, विरासत और मानवीय संवेदनाओं के संगम के रूप में उभरा, जिसने भविष्य के ट्रांसप्लांट कार्यक्रमों के लिए नई दिशा तय की।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

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