रमेश गोयत
पंचकूला/चंडीगढ़ | 21 मार्च 2026। साइबर अपराध, धमकी भरे कॉल्स और रंगदारी (Extortion) की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने एक बड़ी पहल करते हुए ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह देश का अपनी तरह का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, मैसेज, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने में मदद करेगा। इस पहल के साथ हरियाणा इस तरह की तकनीक अपनाने वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है।
तकनीक से मजबूत होगी पुलिसिंग: डीजीपी अजय सिंघल
पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता में अजय सिंघल ने ऐप के फीचर्स और इसकी कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि अपराधी अब इंटरनेट कॉलिंग, फर्जी नंबरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को डराने और ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ‘अभेद्य’ ऐप नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत यह कदम उठाया गया है, जिससे डॉक्टरों, व्यापारियों, ठेकेदारों और आम लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने साफ कहा कि भय का माहौल बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैसे काम करेगा ‘अभेद्य’ ऐप
यह ऐप उन्नत तकनीक के जरिए अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और मैसेज की पहचान करता है और उन्हें उपयोगकर्ता तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक कर देता है।
अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी
संदिग्ध कॉल्स का स्वतः रिजेक्शन
फर्जी चैट, वॉयस नोट और नोटिफिकेशन का ऑटो डिलीट
संदिग्ध नंबरों को ट्रेस करने में पुलिस की मदद
इससे न केवल यूजर मानसिक दबाव से बचेगा, बल्कि अपराधियों की पहचान करना भी आसान होगा।
‘अभेद्य-2.0’ में और कड़े फीचर्स
पुलिस ने ऐप के अपडेटेड वर्जन ‘अभेद्य-2.0’ की भी जानकारी दी। इसमें:
अंतरराष्ट्रीय कॉल्स का पूर्ण नियंत्रण
संदिग्ध घरेलू कॉल्स को ब्लॉक करने का विकल्प
प्राइवेट/हिडन नंबरों पर रोक
केवल सेव और वेरिफाइड नंबरों से कॉल की अनुमति
डाउनलोड के लिए एसपी से लेना होगा एक्सेस
इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए नागरिकों को अपने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) से संपर्क करना होगा। सत्यापन के बाद ही उन्हें अधिकृत एक्सेस दिया जाएगा। यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।
अपराध में कमी के संकेत
हरियाणा पुलिस के अनुसार जनवरी-फरवरी 2026 में:
एक्सटॉर्शन कॉल्स में करीब 40% कमी
कुल अपराध में 8% गिरावट दर्ज की गई है
पुलिस को उम्मीद है कि ‘अभेद्य’ ऐप से इन आंकड़ों में और सुधार होगा।
डिजिटल अरेस्ट पर भी वार: ड्यूल OTP सिस्टम
हरियाणा पुलिस जल्द ही “ड्यूल ओटीपी सिस्टम” लागू करने जा रही है, खासकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के बैंक खाताधारकों के लिए। इस सिस्टम में:
ट्रांजेक्शन के लिए दो लोगों की ओटीपी पुष्टि जरूरी होगी
परिजन भी ट्रांजेक्शन प्रक्रिया में शामिल होंगे
बैंकिंग फ्रॉड और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे अपराधों पर रोक लगेगी
इस योजना के लिए बैंकों और आरबीआई के साथ समन्वय किया जा रहा है।

डीजीपी अजय सिंघल ने लोगों से अपील की कि वे इस ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हरियाणा पुलिस “सेवा, सुरक्षा, सहयोग” के मंत्र के साथ नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।










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