October 12, 2026 2:51 pm

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हरियाणा में बढ़ते हार्ट अटैक मामलों पर सरकार घिरे, कुमारी सैलजा ने मांगा जवाब

बाबूगिरी ब्यूरो

चंडीगढ़, 21 मार्च। हरियाणा में युवाओं के बीच बढ़ते हृदयाघात (हार्ट अटैक) के मामलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। सिरसा की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2020 से जनवरी 2026 तक प्रदेश में 17,973 लोगों की हृदयाघात से मौत होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने खास तौर पर 18 से 45 वर्ष के युवाओं में बढ़ती मौतों को “खतरे की घंटी” बताते हुए कहा कि यह केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ जनस्वास्थ्य संकट है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ते मामलों के बावजूद सरकार न तो कोई ठोस अध्ययन सामने ला पाई है और न ही कोई स्पष्ट नीति या कार्ययोजना तैयार कर सकी है। इससे आम लोगों में असमंजस और भय का माहौल बना हुआ है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि युवाओं में अचानक हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि के पीछे के कारणों की वैज्ञानिक जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने कोविड-19 संक्रमण और उसके बाद हुए टीकाकरण को लेकर भी लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इस पर स्पष्ट और वैज्ञानिक स्पष्टीकरण देना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करवाकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों के मन में उठ रहे संदेह दूर हों।

सैलजा ने आगे कहा कि प्रदेश में हृदय रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान, जिला स्तर पर बेहतर जांच सुविधाएं और मजबूत आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर मुद्दे को समय रहते नहीं संभाला गया, तो आने वाले समय में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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