बाबूगिरी ब्यूरो
यमुनानगर, 21 मार्च 2026: जिला कारागार यमुनानगर में एक कैदी के पास से नशीले पदार्थ बरामद होने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन द्वारा की गई सघन तलाशी के दौरान कैदी के शरीर के अंदर छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित सामग्री पकड़ी गई, जिससे जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी कैदी की पहचान विकास पाल (23) पुत्र मुकेश कुमार, निवासी तीर्थ नगर, थाना सदर यमुनानगर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले से ही चोरी और चेन स्नैचिंग के चार मामले दर्ज हैं। वह FIR नंबर 05 दिनांक 07 जनवरी 2020, धारा 379 आईपीसी के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद 27 मार्च 2024 से जिला जेल यमुनानगर में 5 साल की सजा काट रहा है। इससे पहले भी वह वर्ष 2020-21 के दौरान जेल में हवालाती रह चुका है।
जेल प्रशासन ने नियमानुसार उसे 6 सप्ताह की पैरोल पर 3 फरवरी 2026 को रिहा किया था। पैरोल अवधि पूरी करने के बाद वह 18 मार्च 2026 को समय पर वापस जेल लौट आया, जिसके बाद उसे सुरक्षा कारणों से मुलाहजा वार्ड (सुरक्षा वार्ड-36) में रखा गया।
गोपनीय सूचना के आधार पर 20 मार्च 2026 को शाम करीब 5:30 बजे उप अधीक्षक जेल (सुरक्षा) के निर्देशन में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान वार्डर द्वारा की गई गहन जांच में कैदी के शरीर के अंदर छिपाकर रखे गए 4 छोटे गुब्बारों में 17 नशीली ‘एडनोक’ गोलियां और गांजा जैसा पदार्थ बरामद किया गया।
पूछताछ में कैदी ने खुलासा किया कि वह कुल 20 नशीली गोलियां लेकर आया था, जिनमें से 3 गोलियां वह स्वयं और अन्य कैदियों के साथ सेवन कर चुका है। जेल के चिकित्सा अधिकारी द्वारा किए गए ड्रग डिटेक्शन टेस्ट में भी वह पॉजिटिव पाया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ये नशीले पदार्थ 17 मार्च 2026 को यमुनानगर की मार्केट से खरीदे थे और उन्हें शरीर के अंदर छिपाने की तकनीक उसने अपने पूर्व कारावास के दौरान सीखी थी।
इस मामले में थाना सिटी जगाधरी में मुकदमा नंबर 76 दिनांक 21 मार्च 2026 को धारा 42 प्रिजन एक्ट और धारा 20, 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।











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