बाबूगिरी ब्यूरो
कैथल (हरियाणा), 22 मार्च 2026: आरोही स्कूल ग्योंग, जिला कैथल में कार्यरत हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने अपने 78वें दीक्षा कोर्स में 649 अंक प्राप्त कर पूरे भारत में दीक्षा लीडरबोर्ड में प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों के शिक्षकों को पीछे छोड़ते हुए न केवल कैथल, बल्कि पूरे हरियाणा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
डॉ. चावला ने बताया कि यह कोर्स ‘समावेशी शिक्षा का परिचय’ नामक 15 घंटे का निःशुल्क प्रशिक्षण था, जिसे आंध्र प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा दीक्षा प्लेटफ़ॉर्म पर आयोजित किया गया। कोर्स विशेष रूप से शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और आंध्र प्रदेश में शिक्षण सुधार परियोजना के तहत डिज़ाइन किया गया था।

कोर्स में दो मॉड्यूल शामिल थे, जिनमें विविधता की अवधारणाएँ, समावेशन के मॉडल और विभेदित शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. चावला ने दोनों असाइनमेंट्स सफलतापूर्वक पूरा किया और असाइनमेंट में लिखा कि समावेशी शिक्षा का मतलब केवल सभी बच्चों को एक ही कक्षा में बैठाना नहीं, बल्कि हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार सीखने का अवसर देना है।
डॉ. विजय चावला ने हिंदी कक्षा में खेल आधारित शिक्षण को प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया। उन्होंने “शब्द खोज खेल”, “वाक्य बनाओ प्रतियोगिता” और “कहानी पूरा करो” जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों की भाषा क्षमता बढ़ाई। इन गतिविधियों में सभी बच्चे—कमज़ोर या तेज़—सशक्त होकर भाग ले सके और धीरे-धीरे भाषा सीखने लगे।

डॉ. चावला की यह उपलब्धि हरियाणा के शिक्षा क्षेत्र के लिए गर्व का पल है, और यह प्रेरणा देती है कि समर्पण और नवाचार के माध्यम से शिक्षक न केवल अपने छात्रों, बल्कि पूरे समाज को शिक्षित और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।











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