बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़: हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग का मामला अब सियासी गलियारों से निकलकर पारिवारिक रिश्तों तक पहुंच गया है। कांग्रेस के पांच विधायकों पर लगे आरोपों के बीच हथीन से विधायक चौधरी मोहम्मद इसराइल को लेकर विवाद गहरा गया है। उनके बेटे नाजिम चौधरी ने सार्वजनिक रूप से अपने पिता से सभी रिश्ते खत्म करने का ऐलान कर दिया है।
बेटे का भावुक बयान, पिता पर गंभीर आरोप
आमतौर पर राजनीतिक मतभेद पार्टी स्तर तक सीमित रहते हैं, लेकिन इस मामले ने निजी जीवन पर भी गहरा असर डाला है। नाजिम चौधरी ने कहा कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा रहा है और उनकी पहचान भी पार्टी से ही बनी है। उन्होंने अपने पिता पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विश्वास को तोड़ने का आरोप लगाया।
‘उसूलों से समझौता नहीं’
नाजिम ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि उनकी पारिवारिक विरासत ईमानदारी और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य इन मूल्यों से समझौता करता है, तो उसके साथ खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है। “चंद फायदे के लिए पार्टी से गद्दारी करना मेरे सिद्धांतों के खिलाफ है,” उन्होंने कहा।
‘अब कोई संबंध नहीं रहेगा’
नाजिम चौधरी ने साफ शब्दों में कहा, “आज से मेरा अपने पिता से कोई संबंध नहीं है और भविष्य में भी नहीं रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके चाचा, डीएसपी एमएस खान से भी वे सभी संबंध समाप्त कर रहे हैं। यह फैसला उन्होंने अपने सिद्धांतों के चलते लिया, भले ही यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से कठिन हो।
कांग्रेस के पांच विधायकों पर कार्रवाई
वहीं कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग के आरोप में पांच विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें मोहम्मद इलियास, चौधरी मोहम्मद इसराइल, रेनू बाला, शैली चौधरी और जरनैल सिंह शामिल हैं। पार्टी ने सभी से उनके वोटिंग पैटर्न को लेकर जवाब मांगा है और तय समय में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक से ज्यादा बना सामाजिक मुद्दा
यह मामला अब केवल राजनीतिक नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े कर रहा है। क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने जहां कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता पर असर डाला है, वहीं एक परिवार के टूटने की कहानी ने इस विवाद को और संवेदनशील बना दिया है।










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