October 12, 2026 12:51 pm

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ईरान पर बड़े हमले की तैयारी: अमेरिका-इजरायल गठबंधन, होर्मुज संकट से बढ़ा वैश्विक खतरा

मध्य-पूर्व में युद्ध के बादल गहराए

मध्य-पूर्व में तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम का समर्थन करते हुए संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई हो सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव चरम पर है।

नेतन्याहू का सख्त संदेश

दक्षिणी इजरायल के शहर अराद में ईरानी मिसाइल हमले के स्थल का दौरा करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि “जो भी कदम उठाया जाएगा, वह अमेरिका के साथ मिलकर उठाया जाएगा।” उन्होंने साफ किया कि दोनों देश अपने सैन्य लक्ष्यों के बेहद करीब हैं।

ट्रंप के अल्टीमेटम को मिला समर्थन

ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा।

नेतन्याहू ने इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए खतरा है।

होर्मुज स्ट्रेट: ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा

होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल निर्यात होता है। युद्ध के चलते यह मार्ग लगभग बाधित हो चुका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।

ईरान की पलटवार की चेतावनी

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वह क्षेत्रीय ऊर्जा और जल संरचनाओं को निशाना बनाएगा। इसमें इजरायल और अमेरिका से जुड़े ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं।

वैश्विक असर और खतरे

इस टकराव का असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक है। तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई और आर्थिक अस्थिरता जैसे खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं।

क्या कूटनीति बचा पाएगी हालात?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष बड़े युद्ध में बदल सकता है।

Kuswaha V
Author: Kuswaha V

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