चंडीगढ़, 26 मार्च: शहर में शराब बिक्री व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। नई एक्साइज पॉलिसी के तहत अब शराब सिर्फ पारंपरिक ठेकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर, सुपरमार्केट और पेट्रोल पंप तक इसकी पहुंच बढ़ाने की तैयारी है।
डिपार्टमेंटल स्टोर और पेट्रोल पंप पर मिलेगी शराब
डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य में लोग रोजमर्रा के सामान के साथ ही शराब भी खरीद सकेंगे। हालांकि यह सुविधा सभी दुकानों को नहीं मिलेगी।
इसके लिए सख्त शर्तें तय की गई हैं—सिर्फ उन्हीं डिपार्टमेंटल स्टोर या पेट्रोल पंप को अनुमति दी जाएगी, जिनका सालाना टर्नओवर (जीएसटी रिटर्न) 3 करोड़ रुपये से अधिक होगा। साथ ही, संबंधित संस्थानों को 10B श्रेणी के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
राजस्व बढ़ाना और सुविधा देना मकसद
प्रशासन का कहना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य शराब बिक्री प्रणाली को व्यवस्थित करना और राजस्व में वृद्धि करना है।
इसके अलावा, यह व्यवस्था उन लोगों के लिए भी सहूलियत लेकर आएगी जो ठेकों पर जाने में झिझक महसूस करते हैं, खासकर महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक।
नई पॉलिसी बनाते समय अन्य शहरों और विदेशों के मॉडल का भी अध्ययन किया गया है।
रात 12 बजे तक खुलेंगे ठेके
नई नीति के तहत शराब के ठेकों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब शहर में ठेके रात 12 बजे तक खुले रह सकेंगे। यह निर्णय आसपास के राज्यों की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
ठेका अलॉटमेंट के नियम हुए सख्त
इस बार ठेकों की अलॉटमेंट प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। ठेका लेने वालों को अब 17 प्रतिशत वार्षिक राशि पहले जमा करनी होगी, ताकि बीच में ठेका छोड़ने की समस्या से बचा जा सके।
पिछले वर्ष कई ठेके अलॉट होने के बावजूद शुरू नहीं हो पाए थे, जिसके चलते प्रशासन ने इस बार नियम कड़े किए हैं।
150 करोड़ अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद
फिलहाल चार ठेकों की बोली बाकी है और प्रशासन की कोशिश है कि 1 अप्रैल तक सभी ठेके शुरू हो जाएं।
नई एक्साइज पॉलिसी से प्रशासन को करीब 150 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। वहीं, शहरवासियों को शराब खरीदने के नए विकल्प भी उपलब्ध होंगे।











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