May 23, 2026 8:24 pm

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ईरान युद्ध के बीच बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती, कीमतों में फिलहाल राहत

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती कर दी है। इस फैसले से फिलहाल देश में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर रोक लग गई है।
पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत
सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी है, जबकि डीजल पर 10 रुपये की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉकेड का असर
ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए ब्लॉकेड से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस मार्ग से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई होती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेज उछाल आया है।
सरकार ने क्यों उठाया कदम
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकार ने तेल कंपनियों को राहत देने के लिए यह फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के कारण कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब 24 रुपये और डीजल पर 30 रुपये तक का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ईरान युद्ध के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है और हाल ही में 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है। फरवरी के अंत से अब तक कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
देश में किल्लत की अफवाहें
कुछ राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड देखे गए हैं, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने भी आश्वासन दिया है कि सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, जमाखोरी न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
नायरा एनर्जी ने बढ़ाए दाम
इस बीच Nayara Energy ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने बढ़ती इनपुट लागत को इसका कारण बताया है।
निष्कर्ष:
सरकार के इस कदम से फिलहाल जनता को राहत मिली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भविष्य में ईंधन कीमतों को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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