September 19, 2026 10:56 pm

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उत्तर प्रदेश में बढ़ी बिजली की मांग: गर्मी, इंडक्शन और ईवी बने कारण

तेजी से बढ़ती खपत ने बढ़ाई चिंता

उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है और यह अब 21,450 मेगावाट तक पहुंच गई है। पिछले पांच-छह दिनों में ही लगभग साढ़े तीन हजार मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। इस तेजी से बढ़ती खपत ने बिजली विभाग और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

तापमान बढ़ने का सीधा असर

गर्मी के बढ़ते असर के साथ बिजली की खपत में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है। हालांकि अभी अत्यधिक गर्मी नहीं पड़ी है, लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बिजली की मांग में तेजी आई है। आने वाले दिनों में एसी और कूलर के बढ़ते उपयोग से यह मांग और बढ़ने की संभावना है।

इंडक्शन उपकरणों का बढ़ता उपयोग

बिजली की मांग में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का बढ़ता उपयोग भी है। गैस सिलिंडर की उपलब्धता और कीमतों की समस्याओं के कारण लोग तेजी से इंडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे बिजली पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों का असर

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। इन वाहनों की चार्जिंग के लिए बिजली की खपत बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया ट्रेंड भविष्य में बिजली की मांग को और अधिक बढ़ा सकता है।

मौसम में बदलाव का प्रभाव

हाल ही में बारिश और मौसम में बदलाव के कारण बिजली की मांग में अस्थायी गिरावट आई थी। 21 मार्च को मांग घटकर 18,031 मेगावाट तक पहुंच गई थी। लेकिन जैसे ही मौसम साफ हुआ और तापमान बढ़ा, मांग फिर से तेजी से बढ़ने लगी।

जून में रिकॉर्ड मांग का अनुमान

पावर कॉरपोरेशन के अनुसार इस वर्ष जून महीने में बिजली की मांग 34,000 मेगावाट से अधिक पहुंच सकती है। पिछले वर्ष जून में यह आंकड़ा 31,309 मेगावाट था। इससे स्पष्ट है कि इस बार रिकॉर्ड स्तर पर बिजली की खपत हो सकती है।

उपभोक्ता परिषद की चिंता

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बिजली की मांग में अचानक वृद्धि पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इंडक्शन चूल्हों और ईवी चार्जिंग का अलग से अध्ययन किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

भविष्य की तैयारी की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली विभाग को पहले से तैयारी करनी होगी। यदि समय रहते पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो भीषण गर्मी में बिजली कटौती की समस्या सामने आ सकती है।

पावर कॉरपोरेशन का आश्वासन

पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल का कहना है कि वर्तमान में बिजली की उपलब्धता मांग से अधिक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेशवासियों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है और भविष्य के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।

निष्कर्ष: बढ़ती मांग, बड़ी चुनौती

उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग का तेजी से बढ़ना आने वाले समय की बड़ी चुनौती का संकेत है। गर्मी, इंडक्शन उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग इस मांग को और बढ़ा सकता है।

ऐसे में जरूरी है कि सरकार और बिजली विभाग समय रहते ठोस योजना बनाएं, ताकि प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी में बिजली संकट का सामना न करना पड़े।

Kuswaha V
Author: Kuswaha V

virender chahal

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