बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी फंड में हेराफेरी, शेल कंपनियों के जरिए किया गया पैसा ट्रांसफर
पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी, अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 29 मार्च 2026: चंडीगढ़ में करोड़ों रुपये की ठगी के एक बड़े मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। सेक्टर-17 स्थित EOPS थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 03 दिनांक 12 मार्च 2026 के तहत ₹83,04,85,582 (करीब 83 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने CREST (Chandigarh Renewable Energy and Science & Technology Promotion Society) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला CREST के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि IDFC First Bank के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी फंड में बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई। इस मामले में बैंक अधिकारियों अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि के नाम भी सामने आए हैं, जो कथित तौर पर इस धोखाधड़ी में शामिल हैं।
जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
पुलिस जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि CREST के बैंक खातों से बड़ी रकम को योजनाबद्ध तरीके से शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद यह पैसा विभिन्न खातों के माध्यम से सुखविंदर अबरोल, उनके रिश्तेदारों और करीबी संपर्कों के खातों में भेजा गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा घोटाला एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया, जिसमें सरकारी संस्था के अंदरूनी और बाहरी लोगों की मिलीभगत सामने आ रही है।
पुलिस रिमांड में होगा बड़ा खुलासा संभव
गिरफ्तारी के बाद आरोपी सुखविंदर अबरोल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस इस दौरान मनी ट्रेल (cash trail) की गहन जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस का कहना है कि CREST के अन्य कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि यह चंडीगढ़ के हाल के वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक है और इसकी हर एंगल से जांच की जा रही है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जा सके।











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