मिसाइल हमले, ड्रोन अटैक और जमीनी कार्रवाई तेज; क्षेत्रीय शांति वार्ताओं की कोशिशें भी जारी
नई दिल्ली/पश्चिम एशिया, 30 मार्च: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष को आज एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन हालात शांत होने के बजाय और अधिक गंभीर होते जा रहे हैं। Israel Defense Forces (IDF) की ओर से ईरान और लेबनान में लगातार हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान भी खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।
इस बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालयों व सांस्कृतिक विरासत से जुड़े ढांचे भी “वैध लक्ष्य” हो सकते हैं। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी सेना की बढ़ी तैनाती, तनाव और गहरा
United States Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 3500 मरीन और नाविकों की एक टास्क फोर्स मिडिल ईस्ट में तैनात कर दी गई है। इसे क्षेत्र में संभावित बड़े सैन्य टकराव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
यमन से इज़राइल पर मिसाइल हमले
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इज़राइल पर दो मिसाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है। समूह के प्रवक्ता Yahya Saree ने कहा कि कुछ ही घंटों के अंतराल में ये हमले किए गए।
इज़राइल ने पहली मिसाइल को इंटरसेप्ट करने का दावा किया, जबकि दूसरे हमले पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। यह पहली बार है जब इस संघर्ष के दौरान यमन से सीधे इज़राइल पर हमला हुआ है।
लेबनान में जमीनी कार्रवाई तेज, भारी जनहानि
IDF के अनुसार दक्षिणी लेबनान में जमीनी ऑपरेशन के दौरान हिज़्बुल्लाह के कई लड़ाकों को मार गिराया गया। ड्रोन हमलों के जरिए टारगेटेड ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष में लेबनान में मरने वालों की संख्या 1,200 से अधिक हो गई है, जबकि 3,500 से ज्यादा लोग घायल हैं।
52 हेल्थ वर्कर्स की भी मौत
10 लाख से ज्यादा लोग बेघर
यह स्थिति बड़े मानवीय संकट का संकेत दे रही है।
UAE ने रोकीं सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन
United Arab Emirates ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 42 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया।
अब तक UAE कुल:
414 बैलिस्टिक मिसाइल
15 क्रूज़ मिसाइल
1914 UAV को निष्क्रिय कर चुका है
इन हमलों में 2 सैनिकों और एक नागरिक की मौत हुई, जबकि 178 लोग घायल हुए हैं।
ऊर्जा संकट का खतरा, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर
American Petroleum Institute के प्रमुख Mike Sommers ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही Strait of Hormuz को नहीं खोला गया तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
उन्होंने कहा कि रेड सी और होर्मुज में हमलों के चलते तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
इस बीच Ishaq Dar ने जानकारी दी है कि Saudi Arabia, Turkey और Egypt के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में बैठक करेंगे, जिसका उद्देश्य इस युद्ध को खत्म करने के रास्ते तलाशना है।
एक महीने बाद भी यह संघर्ष थमने के संकेत नहीं दे रहा है। मिसाइल, ड्रोन और जमीनी हमलों के बीच अब यह जंग पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में लेती दिख रही है। जहां एक ओर सैन्य कार्रवाई तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन फिलहाल शांति की राह कठिन नजर आ रही है।











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