31 मार्च अंतिम तिथि, लेकिन 30 मार्च तक PACS को नहीं मिला कोई निर्देश; किसानों-मजदूरों में रोष
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 30 मार्च: इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने बीजेपी सरकार पर किसानों और मजदूरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) से लिए गए कर्ज के ब्याज माफ करने के लिए घोषित एकमुश्त निपटान योजना केवल घोषणा बनकर रह गई है।
माजरा ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों और मजदूरों को 31 मार्च तक मूल राशि जमा करवाने पर ब्याज माफी का लाभ मिलना था, जिससे करीब 6.81 लाख लोगों को राहत मिलती। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 30 मार्च तक सरकार की ओर से योजना से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र किसी भी PACS को नहीं भेजा गया।
उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देश न मिलने के कारण PACS के अधिकारी उन किसानों और मजदूरों को योजना का लाभ नहीं दे पा रहे हैं, जो अपनी मूल राशि जमा करवाने पहुंच रहे हैं। इससे किसानों और मजदूरों में भारी नाराजगी है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
Indian National Lok Dal नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार की किसानों और मजदूरों को राहत देने की कोई वास्तविक मंशा नहीं है और केवल घोषणाएं करके दिखावा किया जा रहा है।
माजरा ने सरकार से मांग की कि मंडियों में गेहूं खरीद का समय सुबह 6 बजे से रात 8 बजे के बजाय 24 घंटे किया जाए। इसके अलावा उन्होंने बायोमेट्रिक सत्यापन और ट्रैक्टर की नंबर प्लेट से जुड़ी शर्तों को भी हटाने की मांग की, ताकि किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर आसानी से बेच सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये मांगें पूरी नहीं की गईं तो बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल MSP पर बेचने से वंचित रह सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए इनेलो द्वारा सभी मंडियों में “किसान कष्ट निवारण केंद्र” खोले जाएंगे।
माजरा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला, राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह और वे स्वयं मंडियों का दौरा करेंगे तथा किसानों और अधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे।











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