बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 30 मार्च। भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में आज कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक के बाद जानकारी देते हुए हुड्डा ने बताया कि गेहूं और सरसों की खरीद के दौरान किसानों को आ रही दिक्कतों को समझने के लिए कांग्रेस के सभी विधायक प्रदेशभर की मंडियों का दौरा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर बार फसल खरीद के नाम पर गड़बड़ियां करती है और किसानों को परेशान किया जा रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मई महीने से पूरे प्रदेश में जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें संगठन को मजबूत करने और जन मुद्दों को उठाने की रणनीति बनाई जाएगी।
इस दौरान नवनिर्वाचित राज्यसभा उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध ने समर्थन के लिए सभी विधायकों का धन्यवाद किया। साथ ही कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को लिखित शिकायत देने और मामले को हाईकोर्ट में ले जाने का फैसला भी लिया है।
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर अनुशासन समिति की बैठक 3 अप्रैल को बुलाई गई है।
किसानों को परेशान करने का आरोप
हुड्डा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हर बार किसानों को परेशान करने के नए तरीके खोजती है। इस बार गेहूं खरीद के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, ट्रैक्टर नंबर प्लेट की फोटो और तीन-तीन गारंटर जैसे नियम लागू किए गए हैं, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की उंगलियों के निशान कई बार काम नहीं करते, जिससे बायोमेट्रिक प्रक्रिया में दिक्कत आती है। यदि मंडी गेट पर ही यह प्रक्रिया लागू की जाएगी तो ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लगेंगी और जाम की स्थिति बनेगी।
ई-पोर्टल फेल, पहले दिन ही खरीद प्रभावित
हुड्डा ने बताया कि सरकारी खरीद पहले ही दिन प्रभावित हो गई क्योंकि ई-खरीद पोर्टल और नए नियम दोनों ही फेल हो गए। किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंचे, लेकिन गेट पास तक जारी नहीं हो सके।
आढ़ती एसोसिएशन के अनुसार, एक गेट पास बनाने में 10 से 15 मिनट का समय लग रहा है, जिससे प्रतिदिन सीमित किसानों की ही प्रक्रिया पूरी हो पा रही है। इससे आने वाले दिनों में अव्यवस्था बढ़ने की आशंका है।
मंडियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
हुड्डा ने मंडियों की बदहाल स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मंडियों में न बारदाना है, न तिरपाल, न लेबर और न ही किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा अब तक ट्रांसपोर्ट के टेंडर भी नहीं हुए हैं, जिससे फसल का उठान प्रभावित होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर फसल का उठान नहीं हुआ तो किसानों को भुगतान में देरी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होगी।
सरकार पर गंभीर आरोप
हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे हालात पैदा कर रही है जिससे किसान मंडियों में आना ही छोड़ दें। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां कृषि क्षेत्र को कमजोर कर रही हैं और इसे पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने की दिशा में काम किया जा रहा है।














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