October 13, 2026 5:10 pm

October 13, 2026 5:10 pm

पंचकूला एफडी घोटाला: कोटक महिंद्रा बैंक ने 127 करोड़ रुपये लौटने का किया दावा, जांच में तेजी

एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई के बाद बड़ा कदम, बैंक ने मानी ‘विसंगतियां’
बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 30 मार्च: Panchkula नगर निगम के 160 करोड़ रुपये की एफडी से जुड़े कथित गबन मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Kotak Mahindra Bank ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद 127 करोड़ रुपये की राशि नगर निगम पंचकूला को वापस लौटने का दावा किया है है। इस कदम को मामले में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

बैंक ने स्वीकार की अनियमितताएं
कोटक महिंद्रा बैंक की ओर से जारी आधिकारिक बयान में एफडी और उससे जुड़े खातों के मिलान के दौरान कुछ “विसंगतियां” सामने आने की बात स्वीकार की गई है। बैंक प्रवक्ता के अनुसार, ये अनियमितताएं बैंक और नगर निगम—दोनों को प्रभावित कर सकती हैं और फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
बैंक ने कहा कि सरकारी संस्थानों के साथ अपने लंबे संबंधों को ध्यान में रखते हुए एहतियातन 127 करोड़ रुपये की राशि नगर निगम के पास जमा कराई गई है, जबकि पूरे मामले की जांच जारी है।

एसीबी की कार्रवाई, बैंकों पर दबाव
इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच तेज हो गई है। सोमवार को एसीबी ने AU Small Finance Bank समेत संबंधित बैंकों पर कार्रवाई की। बैंकों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नगर निगम अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट नहीं
अब तक की जांच में नगर निगम पंचकूला के अधिकारियों की सीधे तौर पर संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालांकि एसीबी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच कर रही है।

मास्टरमाइंड पर शिकंजा
जांच के दौरान बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव ने एसीबी को अहम जानकारी दी है। उसने खुलासा किया कि इस पूरे प्रकरण का कथित मास्टरमाइंड बैंक का डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट पुष्पिंद्र सिंह है।
दिलीप राघव ने एसीबी को संदिग्ध ठिकानों की जानकारी दी, जिसके आधार पर छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि उसने जांच में सहयोग करते हुए खुद एसीबी के साथ जाकर पूछताछ में हिस्सा लिया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद एसीबी ने दिलीप कुमार राघव को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।

सेवाओं पर असर नहीं: बैंक
कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण का उसकी सामान्य बैंकिंग सेवाओं या ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी सेवाएं पहले की तरह सुचारू रूप से जारी हैं।

आगे क्या?
एफडी घोटाले में 160 करोड़ रुपये की कुल राशि का मामला अभी जांच के अधीन है। 127 करोड़ रुपये की वापसी के बाद अब शेष राशि और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर एसीबी की जांच और तेज होने की संभावना है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पंचकूला में वित्तीय पारदर्शिता और बैंकिंग प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

Our Visitor

4 2 9 6 1 3
Total Users : 429613
Total views : 685017

शहर चुनें