हरियाणा सरकार की बड़ी पहल: प्री-एग्जाम पास करने वाले युवाओं को मिलेगी आर्थिक सहायता, सरकारी यूनिवर्सिटीज में होगी कोचिंग
चंडीगढ़, 8 अप्रैल 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के युवाओं को सिविल सेवाओं और न्यायिक सेवाओं की तैयारी के लिए बड़ी राहत देते हुए अहम घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यूपीएससी, एचपीएससी और ज्यूडिशरी की प्रारंभिक परीक्षा (प्री-एग्जाम) पास करने वाले युवाओं को अब आगे की कोचिंग के लिए राज्य सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव-युवाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने “मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना” को लागू करने की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
आय के आधार पर मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय के आधार पर सहायता राशि निर्धारित की गई है—
1 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों के युवाओं को 70 हजार रुपये
1.80 लाख रुपये तक आय वालों को 60 हजार रुपये
1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक आय वालों को 50 हजार रुपये
3 लाख से 5 लाख रुपये तक आय वालों को 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि युवाओं की कोचिंग फीस की प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने।
सरकारी विश्वविद्यालयों में शुरू होंगी कोचिंग कक्षाएं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में यूपीएससी और एचपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए शाम के समय (सांध्यकालीन कक्षाएं) चलाई जाएंगी, जिससे पढ़ाई या नौकरी के साथ-साथ तैयारी कर रहे युवाओं को भी लाभ मिलेगा।
प्रशासनिक सेवा को बताया जिम्मेदारी का मंच
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं और देश की दिशा तय करते हैं।
उन्होंने नव-चयनित युवाओं से कहा कि अब तक उनकी यात्रा व्यक्तिगत सफलता की थी, लेकिन अब उनकी भूमिका जनसेवा की होगी। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर करते समय यह ध्यान रखें कि उसके पीछे किसी जरूरतमंद व्यक्ति की उम्मीद जुड़ी होती है।
नव-चयनित युवाओं को किया सम्मानित
समारोह में हरियाणा के 77 सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें यूपीएससी परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाले एकांश ढुल और छठी रैंक प्राप्त करने वाली जिन्निया अरोड़ा भी शामिल रहीं। इसके अलावा नितीश, शगुन मेहरा और शिखा जैसे सफल अभ्यर्थियों ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा कर अन्य युवाओं को प्रेरित किया।
पारदर्शी भर्ती प्रणाली पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रणाली स्थापित की गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने “बिना पर्ची, बिना खर्ची” के आधार पर 1.80 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जिससे युवाओं का भरोसा बढ़ा है।
युवाओं को दी प्रेरणा और संदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जीवन में चुनौतियां और दबाव आएंगे, लेकिन जो अधिकारी इन बाधाओं को पार कर निष्पक्ष निर्णय लेते हैं, वही सच्चे प्रशासक कहलाते हैं। उन्होंने संविधान को सर्वोच्च मार्गदर्शक बताते हुए समानता, न्याय और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और इस बदलाव में युवा अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अधिकारियों और अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ अमित अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ अमित अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा केवल खेलों में ही नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षेत्र में भी अग्रणी है। उन्होंने नव-चयनित अधिकारियों से संवेदनशीलता और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया।
हरियाणा सरकार की यह पहल राज्य के हजारों युवाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। आर्थिक सहायता और सरकारी स्तर पर कोचिंग की सुविधा मिलने से अब अधिक से अधिक प्रतिभाशाली युवा सिविल सेवाओं और न्यायिक सेवाओं में अपना स्थान बना सकेंगे।












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