पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन और नगर निगम का पिछले 6 वर्षों का वित्तीय रिकॉर्ड का कैग या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराया जाए
पंचकूला, 8 अप्रैल 2026: पंचकूला नगर निगम में सामने आए करीब 160 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विकास मंच पंचकूला ने ज्ञापन जारी कर मामले की उच्चस्तरीय जांच और व्यापक ऑडिट की मांग उठाई है।
मंच के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस घोटाले की जांच केवल नगर निगम तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इसका दायरा बढ़ाकर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, सेक्टर-6 तक किया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि घोटाले की राशि 160 करोड़ से कहीं अधिक हो सकती है और इसमें कई स्तरों पर मिलीभगत संभव है।
CBI जांच की मांग तेज
विकास मंच ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भेजे ज्ञापन में मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए। मंच का कहना है कि जांच केवल बैंक अधिकारियों तक सीमित न रहकर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंचनी चाहिए।
अब CAG या थर्ड पार्टी ऑडिट की मांग
ज्ञापन में मंच ने एक और बड़ी मांग उठाई है। मंच ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन और नगर निगम पंचकूला के पिछले 6 वर्षों (2021-2026) के सभी वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) या किसी स्वतंत्र थर्ड पार्टी एजेंसी से कराया जाए।
मंच ने कहा कि यदि इन विभागों में पहले ऑडिट किए गए हैं तो उनकी सभी बैलेंस शीट और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं। वहीं अगर ऑडिट नहीं हुआ, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी भी जांच की जानी चाहिए।
“करोड़ों के फर्जीवाड़े का हो सकता है खुलासा”
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि दोनों विभागों में एक अधिकारी द्वारा बड़े स्तर पर कथित फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद यह आशंका और गहरा गई है कि अंदरखाने और भी कई अनियमितताएं हो सकती हैं। ऐसे में व्यापक ऑडिट से पूरे मामले का सच सामने आ सकता है।
पुराने मामलों का भी जिक्र
मंच ने अपने पहले ज्ञापन में वर्ष 2020 में पंजाब नेशनल बैंक, सेक्टर-2 पंचकूला में करीब 1.5 करोड़ रुपये और कोरोना काल के दौरान लगभग 2 करोड़ रुपये के फर्जी आरटीजीएस मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उस समय सख्त कार्रवाई होती, तो आज इतने बड़े घोटाले की स्थिति नहीं बनती।
जनता के पैसे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
विकास मंच ने मांग की है कि घोटाले से जुड़े सभी मामलों की जांच जल्द पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जनता के पैसे की रिकवरी कर उसे विकास कार्यों में लगाया जाए और यह भी सार्वजनिक किया जाए कि पैसा कब और किस बैंक में वापस जमा हुआ।
इस ज्ञापन पर देव राज शर्मा, राकेश अग्रवाल, बिट्टू सडाना समेत विकास मंच के अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। मंच ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इस मामले में जल्द सख्त निर्देश जारी करेंगे, ताकि पंचकूला में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।











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