560 करोड़ के कथित घोटाले की जांच CBI को सौंपने के संकेत, कई गिरफ्तारियां पहले ही हो चुकी; IAS और HCS अधिकारियों के निलंबन से बढ़ी सियासी हलचल
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 9 अप्रैल। हरियाणा में सामने आए बहुचर्चित आईडीएफसी बैंक घोटाले को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि करीब 560 करोड़ रुपये के इस घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मीडिया से बातचीत में विज ने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी के जरिए बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
CBI जांच की ओर बढ़ रहा मामला
मंत्री अनिल विज ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही जांच CBI को सौंपी जाएगी, इस घोटाले में शामिल बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
विज ने बताया कि इस घोटाले से जुड़े मामलों में कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। हाल ही में दो IAS और एक HCS अधिकारी को निलंबित किए जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
चुनावी राज्यों पर विज का बड़ा दावा
देश के पांच राज्यों में चल रहे चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार जीत दर्ज कर रही है। उन्होंने दावा किया कि “हम हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और बिहार जीत चुके हैं और अब असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी जीत हासिल करेंगे।”
भूपेन्द्र हुड्डा पर साधा निशाना
विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा मंडियों के दौरे पर टिप्पणी करते हुए विज ने कहा कि “जब वे मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने कुछ नहीं किया, लेकिन अब हमारी सरकार काम कर रही है तो उसमें कमियां निकाल रहे हैं।”
मंडियों में फसल सुरक्षा के पूरे इंतजाम
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल को सुरक्षित रखने के लिए मंडियों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश जैसी प्राकृतिक परिस्थितियां सरकार के नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
निष्कर्ष:
560 करोड़ रुपये के इस बैंक घोटाले ने हरियाणा में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। CBI जांच की संभावना और लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बीच आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।











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