जनगणना-2027 विकसित हरियाणा की आधारशिला: मुख्यमंत्री
जनगणना को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान, हर नागरिक की भागीदारी जरूरी
बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 16 अप्रैल: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन (Self Enumeration) फॉर्म भरकर राज्य में जनगणना-2027 की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने प्रदेशवासियों को जनगणना में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
वीरवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया सरल, सुविधाजनक और समय की बचत करने वाली है। यह पहल Digital India के विजन को और मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हरियाणा में जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना और सूचीकरण किया जाएगा। इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिकों को डिजिटल स्व-गणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग घर बैठे अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े ही ऐसी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में मदद करते हैं, जो समाज के हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंचें। मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के मंत्र ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ को दोहराते हुए कहा कि यह लक्ष्य हर नागरिक की भागीदारी से ही पूरा होगा।
उन्होंने बताया कि भारत में जनगणना की शुरुआत वर्ष 1872 में हुई थी और स्वतंत्रता के बाद यह देश की 8वीं तथा हरियाणा के गठन के बाद 6वीं जनगणना है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार की सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि सरकार द्वारा बनाई जाने वाली योजनाएं अधिक प्रभावी और न्यायसंगत बन सकें। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित होगी।
जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय होती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ यह जानकारी साझा नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जो नागरिक स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 1 मई से 30 मई के बीच जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।
60 हजार कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। 16 से 30 अप्रैल तक नागरिक पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना कर सकते हैं। इसके लिए लगभग 60 हजार कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।
निदेशक जनगणना ललित जैन ने बताया कि हरियाणा के 51 हजार एन्यूमरेशन ब्लॉक्स को डिजिटलाइज किया जा चुका है, जिससे नागरिकों को स्व-गणना में आसानी होगी और यह डेटा राज्य के विकास में सहायक साबित होगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।











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