April 19, 2026 12:16 pm

April 19, 2026 12:16 pm

चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में ₹116.84 करोड़ की कथित अनियमितताओं पर मेयर ने उठाई CBI जांच की मांग

सदन ने सर्वसम्मति से किया समर्थन

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 18 अप्रैल। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर नगर निगम की आम सभा में बड़ा फैसला लिया गया है। महापौर सौरभ जोशी ने लगभग 116.84 करोड़ रुपये की सावधि जमा (एफडी) से जुड़े मामले में गंभीर अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। इस प्रस्ताव को नगर निगम सदन ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया।
महापौर सौरभ जोशी ने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय गड़बड़ी का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सरकारी संस्थाओं की पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मार्च-अप्रैल 2025 के दौरान लगभग ₹116.84 करोड़ की सावधि जमा राशियों का आधिकारिक बैंक रिकॉर्ड में दर्ज न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि का बैंक रिकॉर्ड में उल्लेख न होना सामान्य प्रशासनिक त्रुटि नहीं माना जा सकता। यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा, “जनता के धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसी अनियमितताओं को किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

यह मुद्दा 8 अप्रैल 2026 को आयोजित चंडीगढ़ नगर निगम की 360वीं आम सभा में विस्तार से उठाया गया। बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने एक विस्तृत श्वेत पत्र (White Paper) प्रस्तुत किया, जिसमें इस पूरे मामले की प्रारंभिक जानकारी और संभावित वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।

महापौर ने बताया कि श्वेत पत्र में कई ऐसे बिंदु सामने आए, जिन्होंने सभी पार्षदों को चिंतित कर दिया। पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी पार्षदों ने इस मुद्दे को गंभीर माना और नगर निगम की छवि तथा विश्वसनीयता पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की।

सौरभ जोशी ने कहा, “यह केवल किसी विभाग या अधिकारी का मामला नहीं है, बल्कि पूरे नगर निगम और शहर की साख का सवाल है। यदि सार्वजनिक धन के प्रबंधन में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि सदन ने सर्वसम्मति से सीबीआई जांच की सिफारिश करने का निर्णय लिया है ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके, जिम्मेदारी तय हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

महापौर ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और केंद्र सरकार से इस सिफारिश पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर निगम जनता के प्रति जवाबदेह है और हर एक रुपये का हिसाब देना उसकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, “चंडीगढ़ के नागरिकों ने हम पर विश्वास जताया है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम संस्थागत अखंडता बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि जनता के पैसे का उपयोग पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हो।”

इस पूरे मामले ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और केंद्र सरकार इस सिफारिश पर क्या कदम उठाते हैं और क्या वास्तव में CBI जांच के आदेश जारी किए जाते हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 0 0 0 3 2
Total Users : 300032
Total views : 506295

शहर चुनें