बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 24 अप्रैल : अभेद्य ऐप के माध्यम से नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई है। किसी भी समस्या या जानकारी हेतु उपयोगकर्ता सीधे लैंडलाइन नंबर 01722-930112 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अधिक सुविधाजनक और त्वरित संचार के लिए 24×7 व्हाट्सऐप सपोर्ट/कालिंग भी उपलब्ध है, जिसका नंबर +91 9056555492 है। यह हेल्पलाइन व्यवस्था नागरिकों को सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि जरूरत के समय तुरंत सहायता सुनिश्चित की जा सके।
प्रोएक्टिव पुलिसिंग का नया आयाम: ‘अभेद्य’ ऐप व 24×7 हेल्पलाइन से मजबूत हो रही डिजिटल सुरक्षा
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि ‘अभेद्य’ ऐप के साथ हेल्पलाइन सुविधा जोड़ना पुलिस की “प्रोएक्टिव और रेस्पॉन्सिव पुलिसिंग” का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से अपराध को पहले ही रोकना और नागरिकों को हर स्तर पर सुरक्षित महसूस कराना है। डीजीपी ने बताया कि इस हेल्पलाइन के जरिए नागरिक तुरंत संदिग्ध कॉल, डिजिटल उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के साइबर खतरे की जानकारी साझा कर सकते हैं, जिस पर पुलिस द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इससे न केवल अपराधियों पर अंकुश लगता है, बल्कि आमजन में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी मजबूत होती है। ‘अभेद्य’ ऐप और इससे जुड़ा यह 24×7 सहायता तंत्र हरियाणा पुलिस की उस दूरदर्शी सोच को दर्शाता है, जिसमें आधुनिक तकनीक, त्वरित प्रतिक्रिया और जनसहभागिता के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। यह पहल न केवल प्रदेश में साइबर सुरक्षा को नई दिशा दे रही है, बल्कि देशभर के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है।
क्या है अभेद्य ऐप
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शिवास कबिराज ने बताया कि अभेद्य हरियाणा पुलिस द्वारा विकसित एक मोबाइल-आधारित नागरिक सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य संदिग्ध डिजिटल खतरों को उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले रोकना है। यह ऐप अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नंबरों, वर्चुअल नंबरों और सेव न किए गए संदिग्ध संपर्कों की पहचान करता है। यह संदिग्ध कॉल्स को ब्लॉक करता है तथा चैट, वॉइस नोट, वीडियो और इमेज जैसी सामग्री को उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले हटा देता है। यह उपयोगकर्ता स्तर पर धमकी भरी कॉल, जबरन वसूली, पीछा करना (स्टॉकिंग) और साइबर धोखाधड़ी जैसी समस्याओं को रोकने में सहायक है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को डर, दबाव और डिजिटल उत्पीड़न से सुरक्षित रखना है।












Total Users : 305950
Total views : 514690