बाबूगिरी ब्यूरो
पंचकूला, 25 अप्रैल: हरियाणा के पंचकूला में कांग्रेस पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा जब नगर निगम की पूर्व मेयर उपेंद्र कौर अहलूवालिया ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। उनके इस फैसले से स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसे नगर निगम चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि उपेंद्र कौर अहलूवालिया ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और जनाधार से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उपेंद्र कौर अहलूवालिया लंबे समय से कांग्रेस में सक्रिय थीं और उन्होंने मेयर रहते हुए कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया। ऐसे में उनका भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए संगठनात्मक और मनोबल दोनों स्तरों पर नुकसान माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के समय में कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व को लेकर असंतोष भी उनके इस फैसले का एक कारण हो सकता है। हालांकि, इस पर उन्होंने खुलकर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने भाजपा की नीतियों और नेतृत्व में विश्वास जताया।
वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इस घटनाक्रम को ज्यादा महत्व नहीं देते हुए कहा कि पार्टी मजबूत है और ऐसे आने-जाने से संगठन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस और मजबूती से उभरेगी।
दूसरी ओर, भाजपा इस शामिलीकरण को अपनी बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देख रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पंचकूला में लगातार बढ़ रहा जनसमर्थन आने वाले चुनावों में भाजपा की स्थिति को और मजबूत करेगा।
राजनीतिक असर:
इस घटनाक्रम से साफ है कि पंचकूला की स्थानीय राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। आने वाले नगर निगम चुनावों में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है, जहां दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।












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