May 1, 2026 1:53 am

May 1, 2026 1:53 am

CHANDIGARH प्रशासन का बड़ा फैसला: संवेदनशील और वित्तीय कार्य अब केवल नियमित कर्मचारियों को ही सौंपे जाएंगे

बाबूगिरी ब्यूरो
चंडीगढ़, 27 अप्रैल 2026। Chandigarh Administration ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक अहम और सख्त आदेश जारी किया है। प्रशासन के वित्त विभाग (अकाउंट्स ब्रांच) द्वारा जारी इस निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अब सभी प्रकार के महत्वपूर्ण, संवेदनशील और वित्तीय कार्य केवल नियमित (रेगुलर) कर्मचारियों द्वारा ही किए जाएंगे, न कि ठेका या आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा।
हालिया अनियमितताओं के बाद लिया गया निर्णय
यह निर्णय हाल ही में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के मद्देनज़र लिया गया है। विशेष रूप से Chandigarh Renewable Energy and Science & Technology Promotion Society (CREST) और Municipal Corporation Chandigarh के बैंक खातों में गड़बड़ियों के मामलों ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
जांच में यह पाया गया कि इन संस्थाओं में कई महत्वपूर्ण वित्तीय जिम्मेदारियां कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को सौंपी गई थीं, जिससे न केवल प्रक्रियाओं में ढीलापन आया बल्कि जवाबदेही भी कमजोर पड़ी।

जवाबदेही तय करने में आती है दिक्कत
वित्त विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि जब संवेदनशील कार्य अस्थायी या आउटसोर्स कर्मचारियों को दिए जाते हैं, तो किसी भी अनियमितता, धोखाधड़ी या गबन की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है। इससे दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई में भी बाधा आती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब ऐसे सभी कार्य केवल स्थायी सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से ही संपन्न होंगे, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।


सभी विभागों को तत्काल समीक्षा के निर्देश
आदेश में सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में कार्यों का तुरंत पुनर्मूल्यांकन (review) करें और यह सुनिश्चित करें कि:
वित्तीय लेन-देन से जुड़े कार्य
बैंक खातों का संचालन
संवेदनशील दस्तावेजों का प्रबंधन
केवल नियमित कर्मचारियों के पास ही हों।
नियमों की अवहेलना पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया और भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष की होगी।

पारदर्शिता और सिस्टम सुधार की दिशा में कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल वित्तीय प्रक्रियाओं में सुधार होगा, बल्कि सरकारी तंत्र में भरोसा भी मजबूत होगा।

चंडीगढ़ प्रशासन का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि अब सरकारी विभागों में वित्तीय मामलों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित कर्मचारियों के माध्यम से ही संवेदनशील कार्यों का संचालन सुनिश्चित कर प्रशासन एक मजबूत और जवाबदेह प्रणाली की ओर बढ़ रहा है।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 0 8 6 9 6
Total Users : 308696
Total views : 519012

शहर चुनें