September 13, 2026 5:50 am

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HARYANA NEWS: हरियाणा ने ‘राज्य-व्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया ढांचे’ के साथ आपदा तैयारी को किया मजबूत

डॉ. सुमिता मिश्रा ने ‘इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम’ के तहत सभी विभागों और जिलों को व्यापक निर्देश जारी किए
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 11 मई — हरियाणा सरकार ने सभी विभागों और जिलों में आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक राज्यव्यापी तैयारी अभ्यास शुरू किया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने ‘इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम’ (IRS) के तहत हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया नियमावली (Manual) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
डॉ. मिश्रा की इस पहल को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिसे आपदाओं और आपात स्थितियों के दौरान त्वरित, अधिक समन्वित और कुशल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित ‘इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम’ को हरियाणा में राज्य और जिला दोनों स्तरों पर पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है। यह ढांचा आपात स्थिति के दौरान कमान, समन्वय और संसाधन प्रबंधन के लिए एक संरचित तंत्र प्रदान करता है।
डॉ. मिश्रा ने जानकारी दी कि आईआरएस ढांचा प्रत्येक हितधारक की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विभाग बाढ़, लू (heatwaves), औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान तालमेल के साथ कार्य कर सकें।

उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया नियमावली भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य स्तर पर ‘इंसीडेंट कमांडर’ के रूप में 24 प्रमुख हितधारक विभागों के प्रशासनिक सचिवों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि नामित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह परिचित हों। इन विभागों में गृह, पर्यावरण एवं वन, परिवहन, नागरिक उड्डयन, वित्त, पुलिस, सिंचाई, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और अग्नि सेवा आदि शामिल हैं।

इसके अलावा, उन्होंने हरियाणा के सभी 23 उपायुक्तों को भी पत्र लिखा है, जो जिला स्तर पर ‘जिम्मेदार अधिकारी’ के रूप में कार्य करते हैं। उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम और मॉक ड्रिल आयोजित की जाएं।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार 14 मई, 2026 को हरियाणा के 13 बाढ़ संभावित जिलों (गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर) में बाढ़ आपदा परिदृश्य पर एक राज्य-स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित कर रही है।
उन्होंने बताया कि 6 मई को ओरिएंटेशन और समन्वय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, अब कल 12 मई को एक ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ के माध्यम से विभिन्न प्रतिक्रिया परिदृश्यों और रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
डॉ. मिश्रा के अनुसार सभी प्रमुख विभागों और जिलों को एक एकीकृत आपदा प्रतिक्रिया ढांचे के तहत लाने के साथ, हरियाणा खुद को संस्थागत आपदा तैयारियों और समन्वित आपातकालीन प्रबंधन में अग्रणी राज्यों में से एक के रूप में स्थापित कर रहा है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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