16 अप्रैल को पूरा हुआ राजेंद्र कुमार का कार्यकाल, अब तक नहीं हुई नए सदस्य की नियुक्ति
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 19 मई: हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) में सदस्य का एक पद पिछले करीब एक महीने से रिक्त पड़ा हुआ है। आयोग के तत्कालीन सदस्य राजेंद्र कुमार का कार्यकाल 16 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया था, लेकिन उनके स्थान पर अब तक नए सदस्य की नियुक्ति नहीं की गई है। इसे लेकर संवैधानिक प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
राजेंद्र कुमार को 23 सितंबर 2022 को एचपीएससी का सदस्य नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका कार्यकाल छह वर्ष के बजाय 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने के कारण 16 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट एवं संवैधानिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 316(2) के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल नियुक्ति की तारीख से छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक ही होता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में एचपीएससी में चेयरमैन सहित कुल छह पद स्वीकृत हैं, जिनमें एक पद खाली चल रहा है। आयोग में फिलहाल चेयरमैन आलोक वर्मा के अलावा डॉ. सोनिया त्रिखा, ममता यादव, ज्योति बैंदा और आनंद कुमार शर्मा सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।
हेमंत कुमार ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 316(1) के अनुसार आयोग के कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए, जिन्होंने नियुक्ति से पहले केंद्र या राज्य सरकार के अधीन कम से कम 10 वर्ष तक सेवा की हो। मौजूदा स्थिति में आयोग में तीन सदस्य सरकारी सेवा पृष्ठभूमि से हैं, इसलिए नए सदस्य की नियुक्ति गैर-सरकारी सेवा पृष्ठभूमि से भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चाहे तो एचपीएससी विनियमों में संशोधन कर सदस्यों के पदों की संख्या पांच से घटाकर चार भी कर सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं किया गया है। ऐसे में आयोग में एक सदस्य का पद लंबे समय तक खाली रहना गंभीर विषय माना जा रहा है।













Total Users : 323515
Total views : 540205