June 5, 2026 4:32 am

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HARYANA NEWS: डेढ़ महीने से रिक्त पड़ा HPSC में सदस्य का एक पद, संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर एक उठे सवाल

गत माह 16 अप्रैल को राजेंद्र कुमार का कार्यकाल हो गया था पूरा, अब तक उनके स्थान पर नहीं हुई नई नियुक्ति

चेयरमैन और सभी स्वीकृत सदस्य होने पर ही लोक सेवा आयोग माना जाएगा पूर्ण” — एडवोकेट हेमंत

बाबूगिरी हिन्दी ब्यूरो

चंडीगढ़, 30 मई। हरियाणा की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक भर्ती संस्था हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) में सदस्य का एक पद पिछले डेढ़ महीने से रिक्त पड़ा हुआ है। आयोग के सदस्य रहे राजेंद्र कुमार का कार्यकाल 16 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया था, लेकिन उनके स्थान पर अब तक किसी नए सदस्य की नियुक्ति नहीं की गई है। इस देरी को लेकर संवैधानिक और प्रशासनिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं संवैधानिक मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार ने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में स्वीकृत पदों का रिक्त रहना गंभीर विषय है और इससे आयोग की दैनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

संविधान क्या कहता है?
हेमंत के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 316(2) के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल नियुक्ति की तारीख से छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, निर्धारित है।
राजेंद्र कुमार को 23 सितंबर 2022 को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था। हालांकि उनका छह वर्षीय कार्यकाल सितंबर 2028 तक चलता, लेकिन 62 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण उनका कार्यकाल 16 अप्रैल 2026 को ही समाप्त हो गया।

HPSC में वर्तमान स्थिति
हरियाणा लोक सेवा आयोग में वर्तमान में चेयरमैन के अलावा पांच सदस्यों के पद स्वीकृत हैं।
मौजूदा संरचना में—
आलोक वर्मा आयोग के चेयरमैन हैं, जिनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक है।
आनंद कुमार शर्मा जुलाई 2021 से सदस्य हैं और जुलाई 2027 तक पद पर रहेंगे।
ज्योति बैंदा सितंबर 2022 से सदस्य हैं, जिनका कार्यकाल सितंबर 2028 तक है।
ममता यादव अप्रैल 2023 से सदस्य हैं और अप्रैल 2029 तक पद पर रहेंगी।
डॉ. सोनिया त्रिखा दिसंबर 2023 से सदस्य हैं, जिनका कार्यकाल दिसंबर 2029 तक है। सोनिया हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की धर्मपत्नी हैं.
राजेंद्र कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद सदस्य का एक पद खाली हो गया है।
नया सदस्य राजनीतिक या सामाजिक पृष्ठभूमि से हो सकता है
हेमंत ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 316(1) के अनुसार आयोग में कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए जिन्होंने नियुक्ति से पहले केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में कम-से-कम दस वर्ष कार्य किया हो।
वर्तमान में चेयरमैन सहित आयोग में सरकारी सेवा पृष्ठभूमि से पर्याप्त सदस्य मौजूद हैं। ऐसे में सरकार चाहे तो नए सदस्य के रूप में किसी राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक या अन्य गैर-सरकारी क्षेत्र से व्यक्ति की नियुक्ति कर सकती है।
सरकार चाहे तो घटा सकती है सदस्यों की संख्या
हेमंत ने कहा कि यदि सरकार चाहे तो एचपीएससी विनियमों में संशोधन कर सदस्यों की संख्या पांच से घटाकर चार भी कर सकती है।
उन्होंने याद दिलाया कि पांच वर्ष पहले तत्कालीन मनोहर लाल खट्टर सरकार ने आयोग में सदस्यों की संख्या आठ से घटाकर पांच कर दी थी।

सचिव को तत्काल पुनर्नियुक्ति, सदस्य की नियुक्ति क्यों लंबित?
मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि आयोग के सचिव मुकेश आहूजा के 31 मार्च 2026 को आईएएस सेवा से सेवानिवृत्त होते ही राज्य सरकार ने उन्हें तीन माह की पुनर्नियुक्ति देकर 30 जून 2026 तक पद पर बनाए रखा, ताकि आयोग का कार्य प्रभावित न हो।
इससे यह सवाल उठता है कि जब सचिव पद पर निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार ने तत्काल निर्णय लिया, तो सदस्य का रिक्त पद भरने में इतनी देरी क्यों हो रही है?

अक्टूबर में चेयरमैन पद भी होगा रिक्त
एच.पी.एस.सी. में इसी वर्ष अक्टूबर 2026 में चेयरमैन आलोक वर्मा का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में आने वाले महीनों में आयोग में शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव संभावित हैं।
यह पूछे जाने पर कि अगर एच.पी.एस.सी. के मौजूदा सचिव रिटायर्ड आई.ए.एस. मुकेश आहूजा को उनकी तीन माह पुनर्नियुक्ति अवधि पूरी होने के बाद जुलाई, 2026 आयोग का सदस्य या अक्टूबर, 2026 में मौजूदा चेयरमैन आलोक वर्मा का कार्यकाल पूरा होने का बाद चेयरमैन नियुक्त किया जाता है, हेमंत ने बताया कि यदि ऐसा होता है तो दोनों ही परिस्थितियों में आहूजा का कार्यकाल मार्च, 2028 तक ही रहेगा, जब वे 62 वर्ष की आयु पूरी करेंगे।

बड़ा सवाल
क्या हरियाणा सरकार जल्द भरेगी HPSC में रिक्त सदस्य का पद, या फिर आयोग की संरचना में बदलाव की तैयारी चल रही है?
राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती संस्था में डेढ़ महीने से खाली पड़े पद ने प्रशासनिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और संस्थागत मजबूती के लिए अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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