बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़,01 जून। चंडीगढ़ पुलिस विभाग में इन दिनों एक गुप्त शिकायत को लेकर अंदरखाने काफी चर्चा और हलचल बनी हुई है। विभाग के ही एक कांस्टेबल द्वारा आला अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में थाना प्रभारी (SHO) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि थाना क्षेत्र में हाल ही में खुली नई वाइन शॉप्स और कुछ स्थानीय दुकानदारों से कथित रूप से अवैध वसूली करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस समाचार को एक राष्ट्रीय अखबार ने भी विस्तार से प्रकाशित भी किया है। पुलिस व SHO व शिकायत कर्ता का पता लगा रही है। सूत्रों के अनुसार यह शिकायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, जिसके बाद पुलिस महकमे में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी अधिकारी ने मामले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन शिकायत में लगाए गए आरोपों को गंभीर माना जा रहा है।
दुकानदारों पर दबाव बनाने का आरोप
कांस्टेबल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे थाना क्षेत्र की कुछ नई शराब दुकानों के बाहर विशेष ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए थे। शिकायत के अनुसार SHO की ओर से कहा गया कि दुकानों के बाहर लगातार गश्त बढ़ाई जाए और वहां आने-जाने वाले लोगों के ट्रैफिक चालान काटे जाएं, ताकि दुकानदारों पर दबाव बनाया जा सके।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुकानदारों से हर महीने लगभग 60 हजार रुपये और शराब की पेटी लेने की बात कही गई। कांस्टेबल ने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य दुकानदारों को कथित रूप से “सेटिंग” के लिए मजबूर करना था।
विभाग में मची खलबली
गुप्त शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। पुलिस कर्मियों के बीच इस बात को लेकर चर्चाएं हैं कि यदि आरोपों की जांच होती है तो कई अन्य मामलों की परतें भी खुल सकती हैं। कुछ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शिकायत विभागीय अनुशासन और छवि दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
सूत्रों के मुताबिक शिकायत भेजने वाले कांस्टेबल ने अपनी पहचान सार्वजनिक न करने की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि यदि उसकी पहचान उजागर हुई तो उसे विभागीय प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है।
वरिष्ठ अधिकारी कर सकते हैं जांच
जानकारी के अनुसार मामले को लेकर उच्च स्तर पर प्रारंभिक जानकारी जुटाई जा रही है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं तो विभागीय जांच बैठाई जा सकती है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर अब संबंधित थाना और वहां की कार्यप्रणाली पर टिकी हुई है।
वहीं दूसरी ओर, स्थानीय व्यापारियों और शराब कारोबार से जुड़े लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई दुकानदार खुलकर सामने आने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने पुलिस दबाव और कथित वसूली को लेकर नाराजगी की बातें सामने आ रही हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। शिकायत की सत्यता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन विभाग के भीतर उठे इस विवाद ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।













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