विनेश फोगाट पर जीत मेरे करियर का सबसे बड़ा मोड़, अब लक्ष्य ओलंपिक पदक: मीनाक्षी गोयत
युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत की हुंकार: “अगर खुद पर विश्वास हो, तो सामने कोई भी दिग्गज हो, जीत आपकी ही होगी”
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
जींद, 01 जून। दिग्गज ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट को पटखनी देकर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाली हरियाणा की युवा महिला पहलवान मीनाक्षी गोयत अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। जींद जिले के अपने पैतृक गांव चाबरी पहुंचने पर मीनाक्षी का ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों ने जोरदार स्वागत किया। गांव में जगह-जगह ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया गया।
मीडिया से बातचीत में मीनाक्षी गोयत ने कहा कि विनेश फोगाट जैसी अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ी के खिलाफ जीत उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले ने उन्हें मानसिक रूप से और ज्यादा मजबूत बनाया है तथा अब उनका अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतना है।
मीनाक्षी ने बताया कि मुकाबले से पहले उन पर काफी दबाव था, क्योंकि सामने देश की सबसे बड़ी महिला पहलवानों में से एक खिलाड़ी थीं। लेकिन उन्होंने अपने आत्मविश्वास को टूटने नहीं दिया। उन्होंने कहा, “मैदान में उतरने से पहले मैंने खुद से सिर्फ एक ही बात कही थी—घबराना बिल्कुल नहीं है और आखिरी सांस तक मुकाबला करना है। अगर खिलाड़ी खुद पर भरोसा रखे तो सामने कोई भी बड़ा नाम क्यों न हो, जीत हासिल की जा सकती है।”
उन्होंने कहा कि जीत केवल ताकत से नहीं बल्कि मानसिक मजबूती, रणनीति और अनुशासन से मिलती है। विनेश फोगाट के खिलाफ मुकाबले के लिए उन्होंने और उनके कोचों ने विशेष रणनीति तैयार की थी। मुकाबले के दौरान उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही मौके का इंतजार किया, जिसका फायदा उन्हें अंत में मिला।
मीनाक्षी ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने वर्षों तक कठिन मेहनत की है। रोजाना कई-कई घंटे अभ्यास, फिटनेस ट्रेनिंग और सख्त अनुशासन उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार मुश्किल परिस्थितियां भी आईं, लेकिन परिवार और कोच के समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।
युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए मीनाक्षी गोयत ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने कहा, “हार से डरना नहीं चाहिए। हर हार आपको मजबूत बनाती है। अगर मेहनत ईमानदारी से की जाए और लक्ष्य पर फोकस बना रहे, तो सफलता जरूर मिलती है।”
मीनाक्षी की इस बड़ी जीत के बाद हरियाणा के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मीनाक्षी ने साबित कर दिया कि हरियाणा की बेटियां किसी भी स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों ने सरकार से मांग की है कि मीनाक्षी जैसी प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाए ताकि वे देश के लिए और बड़े मुकाम हासिल कर सकें।
मीनाक्षी गोयत ने कहा कि वह अपनी इस जीत को अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत मानती हैं। उनका सपना भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीतकर तिरंगा लहराना है और इसके लिए वह पहले से भी अधिक मेहनत करने को तैयार हैं।













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